काँग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व राज्यमंत्री रमेश उनियाल ने इस्तीफा दिया जिससे काँग्रेस आलाकमान में बेचैनी झलक रही है।
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ऋषिकेश/मुनि की रेती : काँग्रेस पार्टी के एकमात्र नेता पूर्व राज्यमंत्री रमेश उनियाल ने प्रथमिक सदस्यता सहित अपने सभी दायित्वों से इस्तीफा देकर कांग्रेस में हलचल बढ़ा दी है। भाजपा का कांग्रेस मुक्त नारा का प्रभाव भी उनकी पार्टी निष्ठा को प्रभावित नही कर सका है।अपने 40 साल के कांग्रेसी सफरनामे में अपनी कार्यशैली के बढतेप्रभाव से उन्हें उच्च शिक्षा उन्नयन समिति उत्तराखण्ड में पूर्व उपाध्यक्ष राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर प्रदान किया गया। अपनी बेहद साफ सुथरी छवि ओर ईमानदार जनहित के सरोकारों को लेकर उनकी मुहिम ने कांग्रेस का कुनबा बढ़ाने का कार्य किया है।परन्तु उन्होने अचानक प्राथमिक सदस्यता तथा सभी दायित्वों से इस्तीफा देकर चौकाने का काम किया हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीक हो रहा है कि संगठन के भीतर संवाद और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर गम्भीर समस्याएं मौजूद है।इस्तीफा देने के सवाल पर उन्होंने वेवाकि से कहा कि बिना किसी मतभेद के वो इस्तीफा दे रहे है लेकिन पूर्व की भांति सामाजिक, राजनीतिक प्राथमिकताओं के लिए उनका कार्य जनहित में जारी रहेगा।
प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में उन्होंने खुलकर सवालों का जबाब दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि वो काँग्रेस से जरूर इस्तीफा दे रहे है लेकिन किसी भी दल विशेष की सदस्यता वो ग्रहण नही करेंगे बल्कि अपना जनता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन उनकी प्राथमिकता मे रहेगा।राजनीति मतभेद की वजह नही होनी चाहिए ।सभी दल एवम सामाजिक जनो से उनकी मुलाकातें अक्सर होती है ।वैचारिक लड़ाई अपनी जगह है और आपसी सम्बन्ध तो बेहद मजबूत होने चाहिये जो वो सदैव करते रहे है।
उल्लेखनीय है कि 1985 में श्री उनियाल काँग्रेस युवा संगठन का अध्यक्ष मुनि की रेती में रहे अपनी जिम्मेदारी से बहुत जल्द 1987 में वो शहर कांग्रेस के अध्यक्ष नियुक्त किये गए 1989 से 1992 तक कांग्रेस सेवादलके प्रदेश संगठन मंत्री सहित प्रदेश स्तर पर मिली जिम्मेदारी को पूर्ण समर्पण भाव से पार्टी को आगे बढ़ाने के लिये किया।यही नही रमेश उनियाल राजनीतिक स्तर पर ही नही बल्कि सनातन धर्म के उन्नयन के लिये स्वयं भक्ति भाव के साथ 2005 से वर्तमान समय तक प्रसिद्द भगवान शिव की मणिकूट हिमालय परिक्रमा केअध्यक्ष/संयोजक के रूप में अपनी सिवाय कुशलता से दे रहे है और उनके इस कार्यकाल में भक्तो ने इस यात्रा से जुड़कर इस यात्रा को दिव्य, भव्य, नव्य बना दिया है।वर्ष 2014 से 2016 तक श्री उनियाल अपनी प्रतिभा के फलस्वरूप दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री के रूप मेउच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण अनुभाग में अपना योगदान देकर प्रदेश की शिक्षा को भविष्य की मांग के आधार पर गतिशीलता प्रदान कर एक नए अध्याय की नींव डाल ने का कार्य कर गए। उन्होंने कहा कि वो काँग्रेस में कई वर्षों तक प्रदेश सचिव, निदेशक जिला सहकारी बैंक आदि में कार्य कर चुके है। रमेश उनियाल पूर्व में हेमवती नन्दन बहुगुणा जी के करीबी लोकदल, दमक़िपा आदि से जुड़े अपनी सियासत की पारी को निर्मलता ओर ईमानदारी से आगे परवान तक पहुंचते रहे है।कांग्रेस से 40 साल पुराना नाता तोड़ना आसान नही होता लेकिन असहज होकर इस निर्णय में पहुंचकर ये करना जरूरी समझा तो फिर इस्तीफा देने में ही भलाही देखी। अब स्वतंत्र होकर जनता की लड़ाई को लड़ने का कार्य किया जाएगा साथ ही समरसता को आगे बढ़ाने की कवायद जारी रहेगी।उन्होंने कहा कि वो अभी किसी दल में शामिल नही होंगे। लेकिन जनहित की आवाज निरन्तर बने रहेँगे।
