विशिष्ट बी टी सी प्रदेश संघर्ष अपनी मांगों के निराकरण हेतू संघर्षशील भाजपा नेता रविन्द्र जुगरान से मिला
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देहरादून , आज विशिष्ट बीटीसी प्रदेश संघर्ष समिति उत्तराखंड का प्रतिनिधिमंडल पूर्व राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र जुगरान से शिक्षकों का ज्वलंत मुद्दा TET 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखने के सन्दर्भ में मिला। रविन्द्र जुगरान को प्रतिनिधिमंडल द्वारा अवगत करवाया गया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के द्वारा 1 सितंबर 2025 के पारित आदेश के क्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से (23अगस्त 2010 से पूर्व) नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही उक्त तिथि से 55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को छूट प्रदान करते हुए केवल सेवा में बने रहने का आदेश दिया है किंतु उनको अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण न करने की दशा में पदोन्नति नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही जो शिक्षक 1 सितंबर 2028 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं कर पाएगा उन्हें सेवा से वंचित कर दिये जाने का आदेश पारित किया गया है जो कि न्याय संगत नहीं है और इस निर्णय से उत्तराखंड सहित देश के 25 लाख शिक्षकों का भविष्य अधर में लटका हुआ है जिससे सम्पूर्ण शिक्षक और उनके परिवार वाले अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। साथ ही RTE अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ था तथा NCTE द्वारा 23 अगस्त 2010 को अधिनियम को अधिसूचित किया गया और उसी अधिनियम के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने पर ही शिक्षक बनने हेतु योग्यता निर्धारित की गई है।इससे पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अंतर्गत ही सेवा में आए हैं। आज 25 – 30 वर्ष अध्यापन कार्य करने के पश्चात सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा ज़(टीईटी) उत्तीर्ण करने हेतु आदेश पारित किया जा रहा है जो की एक अव्यवहारिक और अलोकतांत्रिक निर्णय है।
प्रतिनिधिमण्डल की माँग को #रविन्द्र जुगरान जी ने गम्भीरता से सुनते हुए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की माँग को जायज मानते हुए प्रदेश व केंद्र सरकार से इसका निराकरण का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए राज्य के शिक्षा सचिव व केंद्रीय शिक्षामंत्री से मिलकर समाधान का आश्वासन दिया। पूर्व में आपके द्वारा 16500 शिक्षकों को ब्रिज कोर्स से राहत दिलाई गई थी।इसके लिए विशिष्ट बीटीसी प्रदेश संघर्ष समिति उत्तराखंड ने आपका हार्दिक आभार व अभिनंदन किया गया प्रतिनिधि मण्डल में नरेंद्र मैठाणी, राकेश बागड़ी, गोपाल भट्टाचार्य, दर्शन सिंह पंवार, अनिल चमोली, सूर्य प्रकाश पैन्यूली, कुंवर भण्डारी, सुनील नेगी,विनोद रौथाण,मधुसूदन गैरोला, प्रमोद उनियाल, विजेन्द्र,प्रदीप बाजपेई,सन्त कुमार, विपिन सचान, राजेश रौथाण,मनोज नौटियाल, अरविंद मीडा, जय प्रकाश पाण्डेय आदि लोग मौजूद रहे।विशिष्ट बी टी सी प्रदेश संघर्ष अपनी मांगों के निराकरण हेतू संघर्षशील भाजपा नेता रविन्द्र जुगरान से मिला
देहरादून , आज विशिष्ट बीटीसी प्रदेश संघर्ष समिति उत्तराखंड का प्रतिनिधिमंडल पूर्व राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र जुगरान से शिक्षकों का ज्वलंत मुद्दा TET 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखने के सन्दर्भ में मिला। रविन्द्र जुगरान को प्रतिनिधिमंडल द्वारा अवगत करवाया गया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के द्वारा 1 सितंबर 2025 के पारित आदेश के क्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से (23अगस्त 2010 से पूर्व) नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही उक्त तिथि से 55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को छूट प्रदान करते हुए केवल सेवा में बने रहने का आदेश दिया है किंतु उनको अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण न करने की दशा में पदोन्नति नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही जो शिक्षक 1 सितंबर 2028 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं कर पाएगा उन्हें सेवा से वंचित कर दिये जाने का आदेश पारित किया गया है जो कि न्याय संगत नहीं है और इस निर्णय से उत्तराखंड सहित देश के 25 लाख शिक्षकों का भविष्य अधर में लटका हुआ है जिससे सम्पूर्ण शिक्षक और उनके परिवार वाले अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। साथ ही RTE अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ था तथा NCTE द्वारा 23 अगस्त 2010 को अधिनियम को अधिसूचित किया गया और उसी अधिनियम के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने पर ही शिक्षक बनने हेतु योग्यता निर्धारित की गई है।इससे पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अंतर्गत ही सेवा में आए हैं। आज 25 – 30 वर्ष अध्यापन कार्य करने के पश्चात सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा ज़(टीईटी) उत्तीर्ण करने हेतु आदेश पारित किया जा रहा है जो की एक अव्यवहारिक और अलोकतांत्रिक निर्णय है।
प्रतिनिधिमण्डल की माँग को आदरणीय श्री #रविन्द्र जुगरान जी ने गम्भीरता से सुनते हुए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की माँग को जायज मानते हुए प्रदेश व केंद्र सरकार से इसका निराकरण का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए राज्य के शिक्षा सचिव व केंद्रीय शिक्षामंत्री से मिलकर समाधान का आश्वासन दिया। पूर्व में आपके द्वारा 16500 शिक्षकों को ब्रिज कोर्स से राहत दिलाई गई थी।इसके लिए विशिष्ट बीटीसी प्रदेश संघर्ष समिति उत्तराखंड ने आपका हार्दिक आभार व अभिनंदन किया गया प्रतिनिधि मण्डल में नरेंद्र मैठाणी, राकेश बागड़ी, गोपाल भट्टाचार्य, दर्शन सिंह पंवार, अनिल चमोली, सूर्य प्रकाश पैन्यूली, कुंवर भण्डारी, सुनील नेगी,विनोद रौथाण,मधुसूदन गैरोला, प्रमोद उनियाल, विजेन्द्र,प्रदीप बाजपेई,सन्त कुमार, विपिन सचान, राजेश रौथाण,मनोज नौटियाल, अरविंद मीडा, जय प्रकाश पाण्डेय आदि लोग मौजूद रहे।
