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विश्व बधिरता दिवस” सप्ताह के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विभाग द्वारा मूक बधिरों के कारण व लक्षण सहित उनके समुचित उपचार के लिए मूक बधिर रजिस्ट्री बेबसाईट भी लान्च की गई।

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ऋषिकेश
“विश्व बधिरता दिवस” सप्ताह के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विभाग द्वारा मूक बधिरों के कारण व लक्षण सहित उनके समुचित उपचार के लिए मूक बधिर रजिस्ट्री बेबसाईट भी लान्च की गई।

एम्स ऋषिकेश के ईएनटी (कर्ण, नासा एवं कंठ) शल्योपचार विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मूक बधिरों की जन्मजात समस्याओं, कारण और उनके निराकरण के संबंध में विचार रखे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मूक एवं बधिर समुदाय के बारे में लोगों को जागरूक करना तथा उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए सहयोग देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि मूक बधिर लोगों को इलाज से पहले भावनात्मक केयर की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सक को ऐसे मरीजों के साथ मधुर व्यवहार अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान मूक बधिर रजिस्ट्री (यूडीएमआर) वेबसाइट का भी प्रक्षेपण किया गया। संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ.मीनू सिंह ने इस वेबसाइट को देश में अपनी तरह का पहला रजिस्ट्री का माध्यम बताया और कहा कि यह रजिस्ट्री मूक बधिरता के कारणों, लक्षणों को जानने और उनके उपचार के लिए विशेष लाभकारी सिद्ध होगी।

कार्यक्रम में डॉ. एम. के. तनेजा (एडिटर इन चीफ ऑफ़ इंडियन जर्नल ऑटोलॉजी एंड एसोसिएशन ऑफ़ ओटोरहिनोलारिंजोलॉजी इन इंडिया के पूर्व अध्यक्ष) एवं उत्तराखंड काउन्सिल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. आशुतोष मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल थे। डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी ने कहा कि ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनु मल्होत्रा के नेतृत्व में विभागीय टीम द्वारा रजिस्ट्री सिस्टम की इस योजना से मूक बधिरों का डाटा एकत्र करने में विशेष मदद मिलेगी। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुमार मित्तल ने कहा कि विश्व बधिर संघ (डब्ल्यूएफडी) ने वर्ष 1958 से विश्व बधिर दिवस की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि मूूक बधिरों के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक अधिकारों के प्रति लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ समाज और देश में उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताए जाने की आवश्यकता है।

ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनु मल्होत्रा ने बेबसाइट के बारे में बताया कि वेबसाइट को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रक्षेपण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर इस वेबसाइट के अंतर्गत उत्तराखंड के अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी सम्मिलित किया गया है। इस दौरान मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विजेता प्रतिभागियों को ईएनटी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अमित कुमार त्यागी एवं सह-आचार्य डॉ. भियांराम ने पुरस्कार वितरित किए।

विभाग की अपर आचार्य डॉ. मधु प्रिया के संचालन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभाग के सहायक-आचार्य डॉ. अभिषेक भारद्वाज और डाटा एंट्री ऑपेरटर विजय सिंह सहित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की एचओडी प्रो. भावना पंत व डॉ. विकास सिकरवार, उत्तराखंड स्टेट एसोसिएशन ऑफ़ इ.एन. टी. के प्रेसिडेन्ट डॉ. आलोक जैन, हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस देहरादून के हेड प्रो. एस.एस. बिष्ट, श्रीगुरुराम राय इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज) देहरादून के ईएनटी विभाग के प्रो. अरविंद वर्मा, एडिशनल एमएस डा. अंशुमन दरबारी सहित कई अन्य फेकल्टी सदस्य और रेसिडेंट्स शामिल थे।

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