वन मंत्री के क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है ,पेड़ों का अवैध कटान
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मुनी की रेती : आरoटीoआईo कार्यकर्ता अनिल बहुखंडी की सूचना मिलने के बावजूद यदि वन विभाग /उद्यान विभाग त्वरित कार्रवाई करता तो13 पेड़ कटने से बच जाते , हालांकि उद्यान विभाग आज इस बात को स्वीकार कर रहा है कि बिना स्वीकृति के अवैध तरीके से जे0पी0 गेस्ट हाउस में पेड़ काट दिए गए l
उपरोक्त जानकारी आर0टी0आई 0कार्यकर्ता ने सूचना अधिकार में ली गई जानकारी के बाद बताया कि उद्यान विभाग ने माना है कि 13 वृक्षों का अवैध रूप से पातन किए गए हैं जिसमें 8 आम के, 02 अमरूद के 03 लीची के 02नींबू के वृक्ष शामिल है जबकि इन वृक्षों के पातन व निकासी की कोई भी स्वीकृति नहीं ली गई है ।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल बहुखंडी द्वारा दिनांक 16- 02-2021 किसको डीएफओ को एक पत्र प्रेषित किया था जिसमें जेपीगेस्ट हाउस में पेड़ कटने की संभावना के संबंध में सूचना दी गई थी की किंतु उक्त पत्र का जवाब देना विभाग ने उचित नहीं समझा तथा मजबूर होकर आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा आरटीआई लगाई गई जिस पर विभाग ने यह जवाब दिया कि उक्त मामला मामला उद्यान विभाग से संबंधित है तब इस संदर्भ में 20-02- 2023 को 5 बिंदुओं पर सूचना मांगी है जिस पर उद्यान विभाग ने बताया कि अवैध रूप से वृक्षों का पतन हुआ है किंतु अवैध पतन के खिलाफ उपरोक्त संस्था व्यक्ति पर क्या कार्रवाई हुई इस पर दोनों विविभाग मौन है जिसका सीधा सा अर्थ है कि कहीं मौन स्वीकृति तो नहीं दी गई ।
बड़े आश्चर्य की बात है इतने सारे पेड़ का पातन होने के बावजूद उपरोक्त क्षेत्र के विधायक व वन मंत्री संज्ञान में यह मामला नहीं है? और यदि यह मामला उनके संज्ञान में है तो उन्होंने इस पर क्या कार्रवाई करने के आदेश दिए ? यदि नहीं तो क्या उनकी भी मौन स्वीकृति है ? l
