अंकिता हत्याकांड को लेकर शकुन्तला रावत का आमरण अनशन शुरू,साथ ही क्रमिक अनशन पर लक्ष्मी बुडाकोटी, रामेश्वरी चौहान, व लक्ष्मी कठेत बैठे।
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Rishikesh :आज दिनांक 16/11 /2022 को युवा न्याय संघर्ष समिति द्वारा करो या मरो का नारा देते हुए आमरण अनशन की शुरूआत की गईं।
आमरण अनशन पर शकुन्तला रावत व साथ ही क्रमिक अनशन पर लक्ष्मी बुडाकोटी, रामेश्वरी चौहान, व लक्ष्मी कठेत बैठे।
आंदोलनकारी शकुन्तला रावत ने कहा कि में उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी स्वेच्छा से आमरण अनशन पर बैठी हूं और जब तक हमारी बेटी हमारे युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा तब तक मैं अनशन पर बैठी रहूंगी चाहे मेरे प्राण क्यों न चले जाए, हम इस निर्दयी सरकार के सामने नहीं झुकेंगे और इस सरकार को बताना चाहती हूं कि आप उन दोषियों को बचाने काम ना करें क्योंकि हम आंदोलनकारियों ने अगर ठान लिया तो सरकार को आगामी चुनाव में सड़कों पर लाने का काम करेंगे आज अंकिता की लड़ाई के लिये मैं भूख हड़ताल पर बैठी हूं मेरे बाद और लोग बैठेंगे परन्तु हम हार मानने वाले नहीं है ।
आंदोलनकारी राजेंद्र गैरोला ने कहा कि आज हमारी मातृशक्ति आमरण अनशन पर बैठ कर उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी है जो इन सरकार के सामने इन असत्य के सामने नहीं खड़े हो पा रहे हैं और मैं इस सरकार के चुने हुए नुमाइंदों को बताना चाहता हूं कि चाहे कितनी भी कोशिश कर लो कितना भी षड्यंत्र रच लो अब हमारी लड़ाई उन दोषियों के साथ-साथ सरकार के साथ भी हैं जो सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है और केस को उलझाने का काम कर रही हैं अब चाहे आमरण अनशन एक दिन चले एक महीना चले हम अपनी बहन अपने युवाओं को न्याय दिला कर ही रहेंगे।
अनशन पर समिति अध्यक्ष संजय सिलस्वाल, जयेन्द्र रमोला, रविन्द्र प्रकाश भारद्वाज, जयेंद्र रमोला, दीपक जाटव, विक्रम भंडारी, मदन सिंह राणा, युद्धवीर सिंह चौहान, लक्ष्मी बुडाकोटी, हिमांशु रावत, राजेंद्र कोठारी, उषा चौहान, हरि सिंह नेगी, रविन्द्र कोर, प्रमिला जोशी, सावित्री देवी, अनिता कुकशाल, प्रमिला रमोला, भगवती चमोली, गुड्डी डबराल, स्वरूपी देवी, जल्म देवी, जया डोभाल, शकुन्तला कालडा, उषा चौहान, शकुंतला रावत, प्रवीण जाटव, शीला ध्यानी, जितार सिंह बिष्ट, सूरज कुकरेती, सुरेंद्र सिंह नेगी, विजय सिंह बिष्ट, हर्ष व्यास आदि मौजूद रहे।
