JMG News

No.1 news portal of Uttarakhand

डॉ. संजीव मित्तल बने उत्तराखंड नेत्र चिकित्सक सोसाइटी के अध्यक्ष , एम्स ऋषिकेश के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष हैं डॉक्टर मित्तल

1 min read

ऋषिकेश  :अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार मित्तल को उत्तराखंड नेत्र चिकित्सक सोसाइटी का अध्यक्ष चुना गया है। देहरादून में आयोजित नेत्र चिकित्सकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में वर्ष 2022-23 के लिए उत्तराखंड राज्य कार्यकारिणी का गठन करते हुए डॉ. मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। डॉ. मित्तल वर्तमान में एम्स के चिकित्सा अधीक्षक भी हैं।

देशभर के नेत्र रोग चिकित्सकों द्वारा नेत्र रोगों और उपचार की नवीनतम तकनीकों की जानकारियों को आपस में साझा करने के लिए प्रत्येक वर्ष सम्मेलन आयोजित किया जाता है। इस बार यह सम्मलेन राजधानी देहरादून में रखा गया था। सम्मेलन के दौरान देशभर से पहुंचे नेत्र रोग विशेषज्ञों ने नेत्र रोगियों के इलाज में मेडिकल की आधुनिक तकनीकों और इलाज की नवीनतम प्रक्रिया को अपनाए जाने पर जोर दिया और संबंधित जानकारियों को आपस में साझा किया। इस दौरान वर्ष 2022-23 के लिए उत्तराखंड राज्य की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। राज्यस्तरीय सोसाइटी की कार्यकारिणी में डॉ. संजीव कुमार मित्तल को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। डॉ. मित्तल जनवरी 2016 से एम्स के नेत्र रोग विभाग में सेवारत हैं। इसके अलावा कार्यकारिणी में डॉ. सतांशु माथुर (काशीपुर) को सचिव और डॉ. अमित सिंह (देहरादून) को सोसाइटी का कोषाध्यक्ष चुना गया है।

अखिल भारतीय नेत्र रोग चिकित्सक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. ललित वर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश से अन्धेपन की समस्या दूर करने के लिए सभी नेत्र चिकित्सकों को संकल्पित होकर कार्य करने की आवश्यकता है। लक्ष्य को सफल बनाने के लिए हमें व्यापक स्तर पर जनजागरुकता लानी होगी। इस मौके पर सोसाइटी के उत्तराखण्ड प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार मित्तल ने राष्ट्रीय दृष्टिबाधिता निवारण कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधिता निवारण के लिए कार्य करना सोसाइटी की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नेत्र रोगों को फैलने से रोकने के लिए शीघ्र ही राज्य के विभिन्न स्थानों पर पब्लिक लेक्चर कार्यक्रम और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। कहा कि काला मोतिया और डायबिटीज से होने वाले अन्धेपन की बीमारी को रोकने, आंखों को स्वस्थ रखने तथा बच्चों को चश्मा नहीं लगाना पड़े, इसके लिए राज्य के विभिन्न स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से जनजागरुकता कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
वार्षिक सम्मेलन में साइंन्टिफिक कमेटी के चेयरमैन डॉ. सौरभ लूथरा, डॉ. विनोद अरोड़ा, डॉ. संगीता जैन, डॉ. गौरव लूथरा सहित देशभर के चार सौ से अधिक नेत्र रोग चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News