उत्तराखंड प्रदेश में क़ानून व्यवस्था फेल हो गई है : शैलेंद्र रावत
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Rishikesh आज दिनांक 18 अगस्त 2022 को युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना 6वें दिन भी अंकिता हत्याकांड में छुपे वीआईपी के नामों को उजागर करने व विधानसभा भर्ती घोटाले के मुख्य दोषी प्रेमचन्द अग्रवाल सहित अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग जारी रखते हुए चला, पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत ने धरना स्थल पर पहुँच कर युवा न्याय संघर्ष समिति के धरने को अपना समर्थन दिया है। साथ ही युवा संगठनों द्वारा अंकिता के गाँव श्रीकोट से कल चली तिरंगा यात्रा का धरना स्थल पर स्वागत किया और वहाँ से धरने पर मौजूद आंदोलकारियों ने तिरंगा यात्रा में सम्मिलित होकर वनंतरा रिसोर्ट को कूच किया परन्तु बैराज पुल पर पुलिस बाल वे यात्रा कर रहे लोगों को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया पुलिस व आंदोलनकारियों की आपस बहुत झड़प हुई जिसमें हर्ष व्यास व रेणु नेगी चोटिल हुए जिसके बाद पुरस्कार ने जबरन आंदोलन कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लक्ष्मण झूला थाने की ओर ले गई जिसे रास्ते में ही रोककर निजी मुचलके पर सभी को छोड़ा गया ।
धरने पर समर्थन देते हुए पूर्व विधायक शैलेन्द्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश में क़ानून व्यवस्था फेल हो गई है कही लूट कहीं हत्या कहीं पुलिस पर हमले हो रहे हैं परन्तु सरकार चुप्पी साधे बैठी है हम सबको मिलकर आंदोलन को वृहद् स्तर पर चलाना चाहिए ताकि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे अपराधों की पुनरावृत्ति ना हो । साथ ही शैलेंद्र रावत ने यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने रात के अंधेरे जाकर जेसीबी मशीन चलाकर सुबूतों को मिटाने का काम किया और वहीं दूसरी ओर विधानसभा भर्ती घोटाले के मुख्य दोषी प्रेमचन्द अग्रवाल अभी तक पद पर बने हैं जोकि न्यायोचित नहीं है सरकार ऐसे विधायक व मंत्री को बचाने का काम कर रही हैं जोकि निंदनीय है ।
मीडिया प्रभारी संजय सिल्सवाल ने कहा कि आज हम सभी ने प्रण लिया व क़सम खाई है कि जिन मुद्दों को लेकर युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना, क्रमिक अनशन व आमरण अनशन चल रहा है उसे न्याय मिलने तक जारी रखेंगे ।
तिरंगा यात्रा के आयोजक जितेन्द्र पाल पाठी ने कहा कि हम सभी युवा साथी व मातृशक्ति अंकिता के पिता से तिरंगा लेकर उसके गाँव से चले और ये संदेश देने का काम किया कि उत्तराखण्ड के लोगों जागो आज भी जाग जाओ नहीं तो ना जाने कितनी और अंकिताओं की हत्या होगी ।
तिरंगा यात्रा में गिरफ़्तारी देने वालों में जयेन्द्र रमोला, दीपक जाटव, अरविन्द हटवाल, मोहन सिंह असवाल, प्रमिला रावत, प्रवीण जाटव, राजेन्द्र गैरोला, उषा चौहान, सरोजिनी थपलियाल, रामेश्वरी चौहान सहित दर्जनों मातृ शक्ति व युवाओं ने गिरफ़्तारी दी ।
धरने में हरि सिंह नेगी, राजकुमार गुप्ता, बीना बहुगुणा, भगवती रावत, सरोजिनी थपलियाल , गौरव राणा, गौरव कुमार, सरोज देवराडी, हर्ष व्यास, नीतीश जैन, अजय दास, सुमित्रा बिष्ट, तरुणी देवी, नीलम लखेडा, एकादशी नौटियाल, उमरा बिष्ट, मंजू बडोला, विक्रम भंडारी, बृजेश डोभाल , विजय पाल सिंह रावत, उमंग देवरानी, कमल सिंह, संजय पाटिल, राकेश कलूड़ा, हरीश चौहान, एलपी रतूड़ी, कांता प्रसाद जोशी, शुभम काला, अनिल बहुखंडी, प्रवीन जाटव, हरिराम वर्मा, आदित्य झा, बचन सिंह बिष्ट प्रधान मल्ला बनास, रविंद्र प्रकाश भारद्वाज, वंदना बोरा , उषा चौहान, लक्ष्मी कठैत, बीना रावत, कुसुम जोशी, प्रमिला जोशी, अरविंद सिंह, सुरेंद्र जोशी, रमन कंडवाल, अमित उनियाल, कुलदीप सिंह नेगी, दीपक प्रताप जाटव, सुमन बहुगुणा, सुनीता नेगी, प्रभाष जोशी, योगेश कुमार पाल, हिमांशु मणि, हंस लाल बेलवाल, सिमरन जोशी, अंजू, मुन्ना सिंह, गुलाब सिंह रावत, सिंह राज पोसवाल, इमरान सैफी, परमानंद भट्ट ,दिनेश बहुगुणा ,करण सिंह पवार, शकुंतला देवी, बीपी भारद्वाज, प्रिंसी रावत आदि उपस्थित थे ।
