इस वर्ष का ‘आवाज रत्न सम्मान’ उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोककलाकार पदमश्री प्रीतम भरतवाण को प्रदान किया गया
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मुनि की रेती।
आवाज साहित्यिक संस्था एवं गढभूमि लोक सँस्कृति संरक्षण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रभाषा हिंदी के संरक्षण संवर्धन एवं शिक्षाविद साहित्यकार स्व0 द्वारिका प्रसाद मलासी ‘ आवाज रत्न सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के वन एवं भाषा मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा किया गया l
इस वर्ष का आवाज रत्न सम्मान उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोककलाकार पदमश्री प्रीतम भरतवाण को स्व0 द्वारिका प्रसाद मलासी की धर्म पत्नी श्रीमती अयोध्या देवी, पुत्र मनोज मलासी, भाषा मंत्री सुबोध उनियाल एवं गढभूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति के अध्यक्ष आशाराम व्यास द्वारा प्रदान किया।

इस अवसर पर लोक कलाकार पदम् श्री प्रीतम भरतवाण ने कहा कि आज उत्तराखंड के आम जन को अपनी भाषा एवं लोक सँस्कृति को कभी नही भूलना चाहिए विदेशों में भी लोग उत्तराखंड के वाद्ययंत्रों एवं लोकगीतों को पसंद कर रहे हैं, इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोंगो को अपनी लोक गीतों की प्रस्तुतियां भी सुनायी। इस अवसर पर भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा आज साहित्यिकार अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को दर्पण दिखाने का कार्य कर रहे है वे अपनी लेखनी द्वारा समाज को सन्देश देने का भी कार्य करते रहते हैं।
कार्यक्रम में ढालवाला मुनिकीरेती के पूर्व अध्यक्ष शिवमूर्ति कण्डवाल, जनार्दन कैरवाण,शुशील नौटियाल, आशाराम व्यास,डा0 सुनील थपलियाल,धनीराम बिंजोला, नरेंद्र रयाल,संजय शास्त्री, प्रबोध उनियाल,सतेंद्र चौहान, महिपाल बिष्ट,रामकृष्ण पोखरियाल, रमेश उनियाल,घनश्याम नौटियाल,दिनेश डबराल,महिपाल बिष्ट,,प्रवीण व्यास,कवि नरेंद्र रयाल,रवि नौटियाल,पुष्पा ध्यानी,रोशनी राणा,निर्मला उनियाल,निर्मला शर्मा,आरती चौहान,मीना मन्द्वान,नीरजा गोयल,आदि उपस्थित थे।
