परशुराम- लक्ष्मण संवाद लीला ने श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम और मर्यादा के भाव से भावविभोर कर दिया
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माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा, मुनिकीरेती द्वारा आयोजित पंचम भव्य एवं दिव्य श्री रामलीला मंचन के तृतीय दिवस पर गढ़भूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति, गंगा सेवा पर्यावरण सुरक्षा समिति,आवाज साहित्यिक संस्था,संस्कारशाला ट्रस्ट एवं मां गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष दिनेश डबराल के साथ साथ गजेंद्र सिंह कंडियाल , अशोक क्रेजी, संतोष व्यास , महेश कुड़ियाल द्वारा श्री गणेश वंदना के साथ ही आयोजन का शुभारंभ किया।
आज तृतीय दिवस पर माँ गंगा रामलीला समिति द्वारा कार्यक्रम के तहतश्री जनक विश्वामित्र मिलन, गौरी पूजन, धनुष यज्ञ,सीता स्वयंबर, परशुराम लक्ष्मण संवाद की लीला का भव्य मंचन किया गया।मिथिला नगरी में आयोजित सीता स्वयंवर की दिव्य लीला में प्रभु श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष भंग कर दिया। धनुष टूटते ही पूरा जनकपुर जय श्रीराम के उद्घोष से गूँज उठा। माता सीता ने प्रभु श्रीराम के गले में वरमाला डालकर उन्हें अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया।
इसके पश्चात परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने मंचन को और भी रोचक एवं रोमांचक बना दिया। माँ गंगा रामलीला समिति द्वारा प्रस्तुत इस दिव्य लीला ने श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम और मर्यादा के भाव से भावविभोर कर दिया।
इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार करने से लेकर उसे सफल स्वरूप प्रदान करने में माँ गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी,धर्माचार्य पंडित दिनेश सेमल्टी ,सलाहकार मनोज मलासी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उनियाल, उपाध्यक्ष प्रदीप सकलानी, महासचिव अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल, संगठन मंत्री संजय पांजा, विधि सलाहकार विकास उपाध्याय एवं मंत्री गंगा रावत सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
