पेयजल निगम कर्मचारी की मनमानी पेयजल उपभोक्ताओं को आंदोलन हेतू उकसाने की कोशिश
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मुनि की रेती, पेयजल निगम के माध्यम से उपभोक्ताओं को मनमाने बिल से जँहा उपभोक्ता परेशान और हैरान है वही इनकी कार्यप्रणाली के हाल भी बदतर स्थिति में है इनके द्वारा पानी के बिल मैसेज के माध्यम से अगस्त 13 को भेजे गए है जब उपभोक्ता बिल जमा करने और अपनी समस्याओं का समाधान चाहने हेतु बिल कार्यालय गए तो वँहा कार्यरत महिला कर्मी का व्यवहार निराशा जनक ओर पब्लिक सेवा के नियमो के खिलाफ नजर आया है जबकि इस समस्याओं से जनता पहले की आक्रोशित कई बार घेराव कर आंदोलन की चेतावनी वरिष्ठ अधिकारियों को दे चुके है।वावजूद इसके कार्यरत मोहत्तरमा इस आंदोलन को खत्म करने के बजाय भड़काने का प्रयास कर उपभोक्ताओं को उकसाने का प्रयास करती दिखी है।
पानी के बिल जमा करने के लिये उपभक्ताओ को कई चक्कर कटवाने के बाबजूद जुलाई से वर्तमान तक मैनुवल बिल ना भेजे जाने के कारण ये समस्या विकराल बनी हुई है और पेयजल कर्मी लोगो को राहत प्रदान कर इस बढ़ते आक्रोश को शान्त करते ऐसा नही हुआ है। इस सम्बंध में कार्यरत मोहत्तरमा का कहना है कि उनके विभागीय अधिकारियों के निर्देश है तो वो उसका पालन कर रही है।जब उनसे जानना चाहा कि जब अगस्त में प्रेषित पानी के मैसेज के आधार पर जमा क्यो नही किये गए तो वो मूक बनी रही।फिर अभी अक्टूबर में प्राप्त मैसेज जिसमे पानी के बिल 23 तारीख जमा करने के सन्देश प्राप्त होने पर बिल 23 सितम्बर को कैसे भुगतान किए जा सकते है तो मोहत्तरमा के पास कोई जबाब नही था लेकिन कुर्सी की हनक ओर अभद्रता के साथ कहती रही की प्रतिदिन 3000 लोग आते है फिर किस किस को जानकारी देगी। उनके इस व्यवहार से आहत होकर उन्हें खरी खोटी सुनाई गई।
पेयजल में तैनात पुरुष कर्मी सुरेन्द्र सिंह नेगी जो अपना कार्य निपटाकर बाहर गये ओर वापस आये तो उन्होंने जानकारी ली।जब विषय की गम्भीरता को उन्होंने समझा तो जो आठ चक्कर मेरे द्वारा लगाए गए उस समस्या का अंत मात्र 1 मिनट में हो गया उन्होंने ही ऑन लाईन बिल जमा कर मामले का हल निकाल दिया जिसके लिये मैने उनका धन्यवाद किया । पेयजल निगम की लापरवाही का शिकार आम उपभोक्ता है और फिर पानी के बिल अनाप शनाप आने के कारण जनाक्रोश दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।नगर पालिका अध्यक्षा समेत 11 वार्डो के सभासद सहित उपभोक्ता इनके खिलाफ कभी भी संघर्ष का बिगुल बजा सकते है।अभी तक जो जनाक्रोश थमा हुआ दिखता है पुरुष कर्मी सुरेन्द्र सिंह नेगी का व्यवहार और जनता के प्रति सेवा भाव का कारण प्रमुख है।वास्तव में आज इसकी बानगी देखने को मिली है जिसके लिये उनकी सराहना जरूर बनती है। पब्लिक सर्विस में बैठे लोगों को कैसा व्यवहार करना चाहिए शायद ये ज्ञान मोहत्तरमा को भान नही है। उन्हें अभी सीखना चाहिए कि कैसे पब्लिक सेवा में रहकर सेवा कार्य करना चाहिए।
