उत्तराखण्ड राज्य सैनानी मंच ने फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट को श्रध्दांजलि अर्पित की
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मुनि की रेती, उत्तराखण्ड राज्य निर्माण सैनानी मंच ने फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक सभा का आयोजन कर उन्हें पहाड़ का सच्चा हितैषी बताकर अपनी श्रद्दांज्जलि देते हुए उनके साथ किये गए आन्दोलन को याद किया।
राज्य आन्दोलन के बाद आज तीन दशक के बाद कैलाश गेट क्रान्ति चौक पर स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को याद कर उनके योगदान की सराहना ओर अदम्य उत्साह और वीरता को नमन किया गया।खेट पर्वत पर आंदोलन करना ओर जिला प्रशासन सहित शासन की चूल्हे हिलाने का कार्य कर उन्होंने अपने तेवर दिखाकर पहाड़ के खून ओर जवानी का अदभुत परिचय देने का कार्य किया।गर्म दल के ग्रुप में शामिल दिवाकर भट्ट ने फिर अपना जौहर श्री यंत्र टापू में अपना अनशन अलकनन्दा के बीच तट पर कर प्रशासन की दिन रात की नींद हराम कर अपने राज्य के वफादारी के तेवर दिखाने का कार्य किया।उनके पहाड़ के प्रति अदम्य साहस और आंदोलन की लम्बी फेरहिस्त सदा याद रहेगी।उनके साथ क्रान्ति चौक के कुछ सदस्य जो गर्म दल के रहे है और गुरिल्ला वार कर अपना जौहर दिखाने में सदैव तत्पर रहे उनके साथ रहे है।आज की शोक सभा मे मंच के महासचिव नरेंद्र मैठाणी ने श्री भट्ट को याद कर उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त कर इस हानि को पहाड़ की क्षति करार दिया।वास्तव में उन्हें बाला साहेब ठाकरे के द्वारा उनके कार्य एवम जुझारू पन को देखकर उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि देकर उन्हें सम्मानित किया। राज्य आन्दोलन में उनकी भूमिका सदैव सदैव याद रहेगी और भावी पीढ़ी उनके योगदान को पाठ्यक्रम में पढ़ेगी।
मंच के अध्यक्ष शैलेश सेमवाल ने इस दुःखद मौके ओर उन्हें पुष्पांजली अर्पित कर उन्हें याद किया।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भट्ट क्रान्तिकारी एवम गर्मदल के रहे है।उन्हें अपने पहाड़ के जल जंगल जमीन सहित मानवीय मूल्यों के विकास को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प कुछ नया करने के लिए अग्रणीय पंक्ति का हिस्सा बनाता दिखाई दिया।
मंच के सरंक्षक महन्त मनोज द्विवेदी ने पुराने अनुभवों की याद दिलाकर श्री भट्ट के वीरता पूर्ण कार्य की कई यादगार पल बताये साथ ही उन्होंने यमकेश्वर में बी ड़ी ओ के अपरहण सहित आंदोलनकारी शर्मा की वीरता ओर साहस की नमन किया। उन्होंने कहा कि भट्ट के साथ लंबे समय तक संघर्ष की गाथा में हम भी शामिल हुए है।अपना सब कुछ निछावर कर पहाड़ से प्रेम उनके खून में सदैव बहता रहा है। राज्य कर्मचारी संगठन के जी पी रणावत ने कहा कि राज्य निर्माण में हम सदैव अग्रणीय रहे है किंतु कर्मचारी होने के कारण कुछ मर्यादाएं ओर सुचिता के कारण पूर्ण समर्थन होने के बाबजूद भी हम सामने कम और नींव के रूप में अडिग खड़े रहे हैं।उन्होंने कहा कि अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत ना होने के बाबजूद भी श्री भट्ट सदैव पहाड़ के लिये चिंतित रहे।उनका संघर्ष यादगार प्रेणादायक रहा है।उनके निधन पर पहाड़ का शेर खो दिया है।उन्हें नमन, वन्दन, चन्दन कर सदैव याद किया जायेगा।
इस शोक सभा मे सरंक्षक मण्डल के भारत भूषण कुकरेती, जगदीश उनियाल, राजेश डोभाल, योगेश बहुगुणा,उपेंद्र उनियाल, दिलावर बिष्ट, राजीव पंवार सहित अन्य मंच के सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखकर अपने श्रध्दा सुमन कर पुष्पांजली अर्पित की।

