डॉक्टर वीo केo बहुगुणा ने उत्तराखंड रक्षा मोर्चा का अध्यक्ष पद छोड़ा, उत्तराखंड समानता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की ।
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आज 10 नवंबर 2023 को उत्तराखंड समानता पार्टी की पत्रकार वार्ता प्रेस क्लब देहरादून में संपन्न हुई । पत्रकार वार्ता को बलबीर सिंह भंडारी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा डाo वी के बहुगुणा ने संबोधित किया। संचालन श्री सी एस नेगी राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव ने किया।
इस अवसर पर डाo वी के बहुगुणा द्वारा पार्टी की सदस्यता ग्रहण किए जाने की घोषणा की गई।
पार्टी की नीतियां मूल निवास 1950 लागू करना, हिमांचल की तर्ज पर भू- कानून लाना, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करना, एट्रोसिटी एक्ट की दोष पूर्ण धाराओं को समाप्त करना, सशक्त अधिकार संपन्न सवर्ण आयोग व लोकपाल का गठन करना आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं से प्रभावित होकर जिस हेतु पार्टी संघर्ष कर रही है से प्रभावित होकर डॉ बहुगुणा ने उत्तराखंड समानता पार्टी ज्वाइन की।
डाo बहुगुणा पूर्व में उत्तराखंड रक्षा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष थे तथा उस पार्टी से देकर त्यागपत्र देकर उत्तराखण्ड समानता पार्टी में शामिल हुए हैं।वह त्रिपुरा के प्रधान सचिव पद से सेवानिवृत हुए हैं तथा पर्यावरण और वन मंत्रालय में भारतीय वानिकी परिषद के महानिदेशक रहे हैं और एफ आर आई विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रहे हैं।
डॉक्टर बहुगुणा ने सांस्कृतिक अखंडता विशेष रूप से बाहरी लोगों द्वारा अतिक्रमण और पिछले कुछ वर्षों के दौरान मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि से संबंधित बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए थे जिन पर भारत सरकार ने उचित कार्रवाई की है।
डॉक्टर बहुगुणा के साथ श्री राकेश बहुगुणा पूर्व आईएफएस ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की जो पूर्व में ओएनजीसी के महा प्रबंधक रहे हैं। श्री राकेश बहुगुणा उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। दोनों नए सदस्यों का माल्यार्पण कर पार्टी में स्वागत किया गया। डाo वी के बहुगुणा ने बताया कि वह उत्तराखंड समानता पार्टी के समानता के सिद्धांत से प्रभावित होकर इस पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह पार्टी नई ऊंचाइयों को छूने में सफल होगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं तथा मातृशक्ति को संगठित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो लंबे संघर्ष से और संघर्ष के दौरान हमारे प्रिय लोगों की शहादत के बाद इस राज्य के निर्माण के लिए जिम्मेदार थी।
उन्होंने कहा कि सन् 2000 में राज्य निर्माण के बाद भी हम एक शांतिपूर्ण और समृद्ध राज्य से कोसों दूर हैं। एक ओर हमारी सांस्कृतिक अखंडता खतरे में है और दूसरी ओर खराब आजीविका, स्वास्थ्य देखभाल और रोजगार के अवसरों के न होने के कारण लोगों का प्रवासन आंतरिक सीमा क्षेत्रों में एक शून्य पैदा कर रहा है जो राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर रहा है।
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या कारण है कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर भू कानून नहीं बना रही है ताकि उत्तराखंड के लोगों की सांस्कृतिक पहचान कमजोर ना हो पहले ही परिसीमन के कारण यह पहाड़ों में कुछ सीटें को चुके हैं।
उत्तराखंड समानता पार्टी एक क्षेत्रीय ताकत बनना चाहती है जो पूरी तरह से उत्तराखंड के लोगों के हित के लिए समर्पित है।एक नई ताकत के रूप में हम युवाओं को संगठित करने के लिए क्रांति शुरू करना चाहते हैं।वह रोजगार पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि अधिकांश पदों पर अनुबंध के आधार पर भरती की जा रही है जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर रही है। युवाओं में निरंतर असंतोष पनप रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बलवीर सिंह भंडारी ने बताया कि राज्य में मूल निवास 1950 की व्यवस्था लागू करना,एक सशक्त सवर्ण आयोग एवं लोकायुक्त का गठन, आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था तथा एससी एसटी की दोषपूर्ण धाराओं को समाप्त करना प्रारंभ से ही पार्टी की मांग रही है।हम पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और केंद्र सरकार से इस पर जल्द निर्णय लेने का अनुरोध करेंगे।
इस अवसर पर श्री टी एस नेगी, श्री अतुल रमोला, एल पी रतूड़ी, श्री जे पी कुकरेती, श्री विनोद नौटियाल,
श्री खीमा नंद जोशी, श्री पदम उपाध्यक्ष, श्री एस पी नैथानी मौजूद रहे।
