February 6, 2026

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वन मंत्री सुबोध उनियाल ने किया रामलीला मंचन का श्रीगणेश

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मुनि की रेती, माँ गंगा गंगा सेवा समिति के तत्वाधान में रामलीला मंचन की शुरुवात नगर के विधायक कैबीनेट वन एवं तकनीकी शिक्षा और भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ओर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष ने मुख्य अथितियों को माल्यापर्ण ओर साल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम का आदर्श चरित्र हम सब को प्रेणा देता है ।उनका चरित्र भविष्य की पीढ़ी को निरन्तर प्राप्त हो उसके लिए उनकी लीलाओं का मंचन किया जाना जरूरी है।विगत 2 सालों से गङ्गा समिति ने इसकी शुरूवात की है ।इस युवा टीम ने जो शुरुवात की है इसके लिए समिति के प्रत्येक सदस्य का योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आज ही माँ कुंजापुरी विकास मेले का भव्य आयोजन नरेंद्र नगर में हुआ है । भगवान राम के चरित्र को घर घर पहुंचाने के लिए रामलीलाओं का मंचन किया जाना जरूरी है।इस कार्य को ये समिति पूर्ण मनोयोग से आगे भी करती रहेगी उन्होंने इस कार्य के लिए समिति को एक लाख एक हजार रुपये दान स्वरूप भेंट किये।


नगर पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने कहा कि इस रामलीला ने अपने 2 वर्ष के कार्यकाल में अपना परचम लहरा दिया है।उन्होंने पूर्व रामलीला से जुड़े पुराने लोगो को याद कर जो इस दुनिया मे नही है उन्हें भी स्मरण कर उनके अभिनय को याद कर नमन किया।इसके साथ ही नई टीम के प्रत्येक सदस्य का आभार जताते हुए भगवान श्री राम के आदर्श केअनुसार जीवन को जीने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि बड़े भाई सुबोध उनियाल का वरद हस्त जंहा भी होगा वँहा सफलता अवश्य मिलेगी।उन्होंने कहा कि एकमात्र शरद मेला 10 दिवसीय कैलाश गेट में सम्पन्न हुआ है।विगत 47 साल से माँ कुंजापुरी विकास मेला का श्री गणेश सुबोध भाई के सौजन्य से निखार ला रहा है।ऐसे में रामलीला का मंचन 14 साल नही बल्कि लम्बे समय तक जारी रहे और यँहा का युवा राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन बने इसकी वो कामना करते है।राम का संदेश घर घर पहुँचे।
आज रामलीला समिति की ओर से गणेश वंदना,रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ का ब्रम्हा से वरदान माँगनाओर फिर ऋषि नारद द्वारा रावण के घमण्ड को तोड़ने के लिए उन्हें कैलाश पर्वत को उठाने को तैयार कर महासमाधि में लीन शंकर की तपस्या भंग करना आदि की लीलाएं का मंचन किया गया।

रामलीला मंचन के लिए मुरादाबाद से सन्तोष बडोला के निर्देशन में 50 कलाकारों की टोली विभिन्न पात्रों के अभिनय करने हेतु पहुँची है।जबकि अच्छा होता कि स्थानीय कलाकारों के माध्यम से रामलीला का मंचन क्षेत्र में होता ।इससे स्थानीय कलाकारों का हौसला अफजाई सहित भविष्य के लिए अच्छे कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता।जबकि यँहा स्थानीय कलाकारों की कोई कमी नही है बाहर से आयतित कलाकारों से मंचन जरूर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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