तीर्थ नगरी में शराब सेवन और शराब बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए l
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तीर्थ नगरी ऋषिकेश में शराब के डिपार्टमेंटल स्टोर खुलने के बाद विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं जिसमें संत समाज व महिलाएं बढ़-चढ़कर कर हिस्सा ले रही हैं और शराब के डिपार्टमेंटल स्टोर को निरस्त करने की मांग कर रहे हैंl l
ऋषिकेश ,मुनि की रेती, तपोवन, लक्ष्मण झूला क्षेत्र एक धार्मिक क्षेत्र है जहां पर अनेकोनेक आश्रम, मंदिर वह धार्मिक संस्थाएं है तथा चार धाम का प्रवेश द्वार होने के कारण भारतवर्ष के सभी स्थानों से आने वाले तीर्थ यात्रियों का जमावड़ा लगा रहता है और ऐसे क्षेत्र में जगह-जगह शराब की दुकान व स्टोर खोला जाना कहां तक उचित है बड़ा प्रश्न यह है ?
संत समाज के शराब के बिक्री के विरोध में मुखर हुआ है यह अच्छा संकेत है, चाहे ऋषिकेश का मामला हो, तपोवन का मामला हो या फिर लक्ष्मण झूला का मामला है सभी जगह विरोध हुआ है और शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग की , पर सबसे बड़ा सवाल है मुनि की रेती क्षेत्र में कुंभ मेला पार्किंग के पास शराब का पहला ठेका खोला गया तब संत समाज चुप्पी सादे हुए था जिस कारण धीरे-धीरे जगह-जगह ठेके या स्टोर करने शुरू है यदि संत समाज पूर्व में ही इस मामले पर मुखर हो जाता तो सरकार को अपने कदम कम पीछे करने पढ़ने परंतु इस ठेके का विरोध करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाया इसका एक कारण तो यह है कि यह एक बड़े नेता की छत्रछाया में पनप रहा हो जिसका विरोध करने की हिम्मत किसी में नहीं है जिन्होंने विरोध की हिम्मत की वह कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं l
शराब को लेकर मुनि की रेती के ढालवाला क्षेत्र में भी आंदोलन हुआ था किंतु जन सहयोग न मिलने के कारण आंदोलन सफल रहा, किंतु उसे समय भी संत महात्माओं ने विरोध से दूरी बनाकर रखी l
शराब का विरोध करना लाजिमी ही नहीं अपितु जरूरी भी है क्योंकि शराब बिक्री होना क्षेत्र की मर्यादा के विपरीत है ऐसा नहीं कि इस क्षेत्र में शराब की बिक्री हो रही है क्षेत्र में खुलेआम अवैध कारोबार का धंधा चल रहा है जिस पर सभी चुपके सादे रहते हैं तथा आज भी धड़ल्ले से अवैध शराब का कारोबार जारी है जिससे सरकार को भी हानि है और पीने वालों को भी, व यदि शराब के डिपार्टमेंटल स्टोर खुल जाते हैं तो सरकार को भी लाभ होगा और शराब का सेवन करने वालों को इस दृष्टि से तो शराब के ठेके व स्टोर खुलना उचित है ताकि शराब के सेवन करने वालों को बढ़िया ब्रांड मिल पाएंगे
किंतु क्षेत्र के धार्मिक व तीर्थ नगरी होने के कारण यहां पर शराब सेवन और शराब बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए तथा ऋषिकेश जैसे धार्मिक क्षेत्र में शराब के ठेका या स्टोर खोलने की मंजूरी दी जानी सरकार का उचित कदम नहीं है जिसकी निंदा की जानी चाहिए ,l
