भारतीय जनता पार्टी ने 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मनायाl
1 min read

Rishikesh : आज 14 अगस्त भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक जिला ऋषिकेश के जिलाध्यक्ष रबीन्द्र राणा के नेतृत्व में 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मनाया गया l
जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य सभा सांसद डॉ कल्पना सैनी जी ने कहा कि पलायन का दर्द वह लोग बहुत अच्छी तरह जान सकते हैं जिन्होंने इस दर्द को सहा है l यह मजबूरी में पलायन की कहानी है यह एक ऐसी दर्दनाक कहानी है जिसमें लाखों लोग अपना घर बार छोड़ कर अजनबियों के बीच रहने को मजबूर हो गए विभाजन के दौरान महिलाओं की स्थिति अत्यधिक दयनीय रही जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती उनका अपहरण कर लिया गया उनके साथ दुष्कर्म किए गए वह धर्म परिवर्तन के लिए भी उन्हें मजबूर किया गया l
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि विभाजन की नींव 20 जनवरी 1947 को ही रख दी गई थी l विस्थापन का दर्द झेलने वाले भारत वासियों को शत-शत नमन है l उन्होंने कहा कि पलायन का दर्द झेलने वाले लोगों ने गर्मी सर्दी बरसात किस प्रकार झेली होगी यह सोचकर भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं l लोग बिना भोजन पानी और आश्रय के अपना घर बार छोड़कर चले जा रहे थे और कुछ भुखमरी और थकावट से दम तोड़ रहे थे l विभाजन का दर्द आज भी लोगों के अंदर जिंदा है l
इस अवसर पर डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाजन में मारे गए लोगों का आंकड़ा पाँच लाख दस लाख के बीच है l लाखों लोग उन शहरों में चले गए जहां उनका कोई संबंध नहीं है उनको जिंदगी नए सिरे से शुरू करनी पड़ी 17 दिसंबर 1947 को सिंह के हैदराबाद और 6 जनवरी 1948 को राजधानी कराची में हुए दंगों से अल्पसंख्यक इस तरह प्रभावित हुए की लाखों लोग सिंध छोड़ने को मजबूर हो गए l
इस अवसर पर के सी लांबा जगदीश चंद्र शर्मा एवं सुरेंद्र कथूरिया ने पलायन के दर्द को अपनी जुबानी व्यक्त किया जिसे सुनकर सभी कार्यकर्ताओं के आंखों में आंसू छलक उठे l
इस अवसर पर मेयर ऋषिकेश अनीता मैं गई जिला सह प्रभारी नलिन भट्ट जिला महामंत्री दीपक धमीजा राजेंद्र तरियाल जिला उपाध्यक्ष राजकुमार राज प्रतीक कालिया विनोद भट्ट जयंत शर्मा वेद प्रकाश धर्मवीर कपूर केवल कृष्ण लंबा जितेंद्र आनंद नवल कपूर संदीप मल्होत्रा रमेश अरोड़ा प्रदीप कोहली अजय कालड़ा ललित मनचंदा योगेश बाबा हरीश आनंद घनश्याम दास अरोड़ा संगीत आनंद सरिता कुलदीप टंडन रविराज मखीजा आदि उपस्थित रहे
