JMG News

No.1 news portal of Uttarakhand

सेवा समाप्त हुए100 कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा ?

1 min read

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में विभिन्न योजनाओं 100 से अधिक संविदा आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई एक ओर सरकार रोजगार देने का वादा करती है दूसरी ओर रोजगार पर लगे लोगों को रोजगार से वंचित करती है और वह भी तब जब केंद्र सरकार की वह योजनाएं जिनमें यह कर्मचारी रखे गए थे ,यह योजनाएं शुरू है पर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया l जब योजना चालू है तो इसकी मार उन कर्मचारियों पर क्यो? आखिर इनका कसूर क्या है? क्या यह कर्मचारी योजना के तहत लोगों को लाभान्वित या सही से सेवा नहीं दे पा रहे हैं ? यदि ऐसा भी नहीं है तो फिर इनको नौकरी से वंचित करने का आखिर क्या कारण है l

यदि इन कर्मचारियों को संविदा से हटाकर आउट सोर्स के तहत नौकरी दी जा रही है ,तो क्या यह कर्मचारी आउट सोर्स के माध्यम से कुछ नया करने वाले हैं सवाल बहुत।  हैं ? फिर तो सच्चाई है आउट सोर्स के माध्यम से रोजगार लेने वाले का कम, रोजगार देने वाले यानी आउटसोर्सिंग एजेंसी वह उससे संबंधित अन्य लोग जो पर्दे के पीछे होते हैं फायदा लेते नजर आते है यही नहीं सरकार के सामने कई उदाहरण हैं कि आउटसोर्सिंग कंपनियां लोगों के नौकरी के नाम पर पैसा का खेल, धोखाधड़ी हो रहा है यही नहीं कई कंपनियां पीएफ फंड लेकर कर्मचारियों का पैसा किया फंड में जमा न कर धोखाधड़ी तक कर लेती हैं इस तरह की धांधली बाजी इन आउटसोर्सिंग एजेंसियां खुलेआम कर रही हैं तब भी हमारी सरकारें इन आउटसोर्सिंग एजेंसी ऊपर कैसे विश्वास कर रही हैं l

अंब्रेला मिशन शक्ति योजना की शुरुआत महिला सशक्तिकरण सुरक्षा एवं बचाव के लिए की गई थी किंतु जब i इस योजना के तहत सरकार द्वारा दिए गए संविदा कर्मचारी आउटसोर्सिंग कर्मचारी व अन्य कर्मचारी सुरक्षित नहीं है तो यह योजना कहां तक सुरक्षित मानी जाए यह बड़ा प्रश्न ? सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें बड़े-बड़े घोषणाएं करती है किंतु 100 से अधिक रोजगार से वंचित लोगों की भी बेटियां होंगी और काम करने वाली भी बेटियां होंगी जब वही सुरक्षित नहीं है तो यह योजना कब तक कहां तक सुरक्षित हैं बड़ा सवाल?

सरकार के लिए यह सोचनीय प्रश्न है कि बिना रोजगार के एक परिवार कहां तक सुरक्षित रह पाएगा जब परिवार सुरक्षित नहीं होंगे तो समाज कहां तक सुरक्षित होगा यह भी बड़ा प्रश्न है

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News