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अंकिता हत्याकांड में हर स्तर पर लापरवाही की जा रही है , पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई द्वारा करवाई जाए : युवा न्याय संघर्ष समिति

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आज दिनांक 31/10/ 2022 को युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना 19वें दिन भी अंकिता हत्याकांड में छुपे वीआईपी के नामों को उजागर करने व विधानसभा भर्ती घोटाले के मुख्य दोषी प्रेमचन्द अग्रवाल सहित अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग जारी रखते हुए जारी रहा धरने के पश्चात युवा न्याय संघर्ष समिति के संयोजक मण्डल द्वारा प्रेस वार्ता भी की गई ।
प्रेस वार्ता में समिति की सदस्य प्रमिला रावत ने बताया कि समिति का प्रतिनिधि मण्डल कल देर शाम डीजीपी अशोक कुमार एंव एसआईटी चीफ पी रेणुका देवी से अंकिता हत्याकांड के बारे में चल रही जांच के सिलसिले में मुलाकात की व इसी संदर्भ में युवा न्याय संघर्ष समिति द्वारा उनके समक्ष मौखिक व लिखित में कई सवाल पूछे गये परन्तु उनके द्वारा कोई संतुष्टात्मक जवाब नहीं दिये ।जिससे हम काफ़ी आहत हुऐ हैं ।
युवा न्याय संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी संजय सिलस्वाल व संयोजक दीपक जाटव ने कहा कि कल हमारी समिति द्वारा डीजीपी अशोक कुमार जी व एस आईटी चीफ पी रेणुका देवी से मुलाकात कर अंकिता हत्याकांड के बारे में चल रही जांच के सिलसिले में उनके कार्यालय पहुंची और हमने अपना सवाल भरा पत्र भी उन्हें सौंपा और हमारे वहां पहुंचने के पश्चात हमने उन से सवाल भी पूछे कि अभी तक उस व्यक्ति वीआईपी का नाम एसआईटी द्वारा क्यों नहीं उजागर किया गया एसआईटी चीफ रेणुका देवी गोलमोल बात कर सवाल से हटने की कोशिश की परन्तु हमारे पूछने पर कि जब अंकिता के चैट में भी यह लिखा था कि वीआईपी को एक्स्ट्रा सर्विस की बात थी तो फिर भी एसआईटी चीफ द्वारा पहले ही साबित कर दिया गया की उस चैट को कोई प्रूफ ना मानते हुए यह कहा गया कि वह वीआईपी कोई नहीं था । वह वीआईपी कमरा था जिसकी किराया दस से पन्द्रह हजार थी इसलिए उस कमरे में रहने वाले को वीआईपी कहा जाता था।
युवा न्याय संघर्ष समिति के सदस्य हिमांशु रावत ने कहा कि हमने कल एसआईटी चीफ पी रेणुका देवी जिसे यह भी जानने की कोशिश की जब अंकिता भंडारी का पोस्टमार्टम किया जा रहा था तो वहां पर महिला डॉक्टर क्यों नहीं थी तो उनके तरफ से हमें या जवाब मिला कि वह काम हमारा नहीं है वह आप जाकर एम्स डॉक्टर से पूछें हमारे लिए बहुत निराशाजनक बात किया है की मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस से या केस हटाकर एसआईटी को इसलिए सौंपा लिया था कि वह निष्पक्ष एवं सत्य की जांच करेगी किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा हम देख रहे हैं कि यहां पर हर तरीके से हर स्तर पर लापरवाही की जा रही है हम चाहते हैं जल्द से जल्द यह जांच सीबीआई को सौंपी जाए ताकि अंकिता भंडारी व उनके माता-पिता न्याय मिल सके।
प्रेस वार्ता में संयोजक दीपक जाटव, प्रमिला रावत, रामेश्वरी चौहान, लक्ष्मी बुडाकोटी, विक्रम भण्डारी, शकुन्तला रावत, प्रवीण जाटव मौजूद थे ।
धरने पर श्लोका भट्ट, प्रभा, नैथानी, सुभाग, राधा तिवारी, अनीता वर्तमान, भगवती देवी चमोली, रामेश्वर चौहान, शकुंतला रावत, लक्ष्मी कठेत, युद्धवीर सिंह चौहान, पितांबर दत्त बूढ़ाकोटी, लक्ष्मीबुडाकोटी, विमला, श्रुति देवी, राजेश शर्मा, रविंद्र कौर, सरोजनी थपलियाल, प्रमिला रावत, जयेंद्र रमोला, मदन सिंह राणा, जुगल किशोर, विक्रम भंडारी, विजयपाल सिंह रावत, राजेंद्र कोठारी, हरि सिंह नेगी, देवी प्रसाद व्यास, योगिता भंडारी, विनोद रतूड़ी, प्रवीण जाटव, हजरत कालरा, रविंद्र प्रकाश भारद्वाज,जनार्दन थपलियाल, दीपक कुमार, दीपक जाटव, योगेश डिमरी, सुधा, जितेंद्र पाल पाठी, सन्नी प्रजापति, हेमा रावत, आशुतोष डंगवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, अरविंद हटवाल आदि मौजूद रहे।

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