युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना 17वें दिन भी जारी
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Rishikesh :आज दिनांक 29/10/ 2022 को युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना 17वें दिन भी अंकिता हत्याकांड में छुपे वीआईपी के नामों को उजागर करने व विधानसभा भर्ती घोटाले के मुख्य दोषी प्रेमचन्द अग्रवाल सहित अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग जारी रखते हुए जारी रहा।
समिति के सदस्य विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि ये गूंगी बहरी सरकार को कुछ फर्क नहीं पड़ता चाहे हम धरना दे चाहे हमारे प्राण क्यू न छूट जाएं अब हमे युवा न्याय संघर्ष समिति के धरने को तेज गति कर इस सरकार के विरुद्ध पूरी दृढ़ता दे लड़ना हैं चाहे हमे रायवाला थाने,लक्ष्मण झूला थाने का घेराव क्यू न करना पड़े हम उसमें भी पीछे नहीं हटेंगे हम सरकार से सवाल पूछते हैं कि पुलिस प्रशासन द्वारा अभी तक वीआईपी का नाम उजागर क्यू नहीं किया गया अन्यथा अगर हमे क्षेत्रीय विधायक का कार्यालय का घेराव करना पड़े चाहे आवास घेराव करना पड़े हम पीछे नहीं हटेंगे और अपनी बेटी अपनी बहन को न्याय जरूर दिला के रहेगें।
वरिष्ठ समाजसेवी मदन मोहन शर्मा ने कहा कि आज
ये लड़ाई किसी ग़ैर की बेटी की नहीं ये लड़ाई हमारे उत्तराखण्ड ऋषिकेश की बेटी हैं ये लड़ाई हमारे उत्तराखण्ड के युवाओं की लड़ाई है इसमें हमें एकजुटता परिचय देते हुए शासन प्रशासन को झुकाना पड़ेगा आज एक बेटी के साथ हुआ कल दूसरीलके साथ होगा और ये परम्परा चलती रहेगी अगर हमने आज इस लड़ाई को लड़ने का काम नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ़ नहीं करेगी ।
राज्य आंदोलनकारी देवी प्रसाद व्यास ने कहा कि कुछ लोग सत्ता पक्ष के लोगों के साथ मिलकर आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं वह बहुत निंदनीय है, युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना सर्वदलीय धरना है ग़ैर राजनीतिक धरना है और धरने में बेटी अंकिता को न्याय दिलाने व वीआईपी के नामों को उजागर करने सहित युवाओं के अधिकारों को लेकर चलाया जा रहा है और जिस प्रकार युवाओं के छल कर बैक डोर से भर्ती की गईं उसके दोषी मंत्री को बर्खास्त कर युवाओं को न्याय मिलना चाहिये ।
कार्यक्रम का संचालन संयोजक दीपक जाटव ने किया ।
धरने में अधिवक्ता शीषराम कंसवाल, उषा चौहान, रामेश्वरम चौहान, विमला रौथाण, स्वरूपी देवी, सुधा बडोनी, हेमा रावल, भगवती देवी, कर्म चंद गुसाईं, मदन सिंह राणा, कुसुम जोशी, अरविंद हटवाल, जयेंद्र रमोला, संजय सिलस्वाल, धर्मेन्द्र गुलियाल, वीर सिंह नेगी, प्रवीण जाटव, विनोद रतूड़ी, देवी प्रसाद व्यास, युद्धवीर सिंह चौहान, दिनेश सिंह बिष्ट, नरेश बिष्ट, कुलदीप सिंह असवाल, राजेंद्र कोठारी, हरि सिंह नेगी, जितेंद्र पाल पाठी, रोहित नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
