डोईवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का सप्तम एवं अंतिम दिवस भक्ति, श्रद्धा और भाव-विभोर वातावरण में सम्पन्न हुआ
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डोईवाला: 1 फरवरी 2026
ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल के परिवार द्वारा बालाजी फार्म हाउस, डोईवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का सप्तम एवं अंतिम दिवस भक्ति, श्रद्धा और भाव-विभोर वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी ने भगवान दत्तात्रेय जी के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथावाचक ने बताया कि भगवान दत्तात्रेय के जीवन में 24 गुरु रहे। दीक्षा गुरु एक होता है, किंतु जिससे भी हमें जीवन में कोई अच्छी सीख प्राप्त होती है, वह हमारे लिए गुरु समान होता है। उन्होंने सुदामा–कृष्ण प्रसंग के माध्यम से कहा कि भगवान वैभव या वस्तु से नहीं, बल्कि भाव से मिलते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा जी को गले लगाकर अपनी दयालुता का दर्शन कराया और उनके टूटे चावलों का भोग स्वीकार कर यह संदेश दिया कि यदि मन, बुद्धि और भाव शुद्ध हों तो प्रभु की प्राप्ति सहज हो जाती है।
कथा के दौरान सम्पूर्ण श्रीमद्भागवत की सरस व्याख्या के साथ पूर्णाहुति एवं विश्राम कथा सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर उत्तराखंड के आदरणीय मुख्यमंत्री माननीय पुष्कर सिंह धामी जी का डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री धामी जी ने व्यास पीठ पर विराजमान व्यास जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा मे मनोज शर्मा पूर्व उप प्रधान हरिपुर कला, विनोद भट्ट, शिवानी भट्ट( पूर्व मंडल अध्यक्ष रायवाला), उषा कोठारी जी, अशोक कपरुवान जी, ऋषि गुप्ता जी, पूर्व पार्षद शिवकुमार गौतम जी, जगत राम अरोड़ा जी (अस्वस्थता के बावजूद रोज आ रहे हैं), अनिल सिंघल जी (रोज आ रहे हैं) के आलावा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कथा समापन के अवसर पर सभी ने आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव का अनुभव किया।
