सरकार अंकिता मामले में सी बी आई जाँच कराने को राजी,फिर से चलेगा ट्रायल ।क्या अंकिता के परिवार को न्याय मिलेगा, वी आई पी का नाम सामने आ पायेगा??
1 min readऋषिकेश, उत्तराखण्ड प्रदेश में अंकिता भण्डारी की हत्या और उसके बाद जनमानस के अंदर आक्रोश का जो स्वरूप सड़को पर देखने को मिला साथ ही भाजपा की सरकार हर स्तर पर घिरती नजर आई है । इस प्रकरण में यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट, ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल सहित हरिद्वार के आर्य बन्धु आदि जो भाजपा से जुड़े इस प्रकरण में आरोपित ठहराये गए जिनके खिलाफ लम्बा ट्रायल चला जाँच में प्राप्त साक्ष्यों, सबूत ओर पक्ष विपक्ष के बयानों के आधार पर अदालत ने लम्बी सुनवाई कर 3 दोषियों को आजीवन की कार्यवाही की है जबकि अंकिता का परिवार और आंदोलन से जुड़े लोग दोषियों को फाँसी की सजा की मांग करती रही है। आखिरकार अदालती फैसले के बाद इस मामले में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा होने पर मामला शान्त हो गया वही इस मामले में अंकिता के माता पिता सहित परिवार इस दुःख से उभर नही पा रहा था इस बेटी की हत्या से वो परिवार ध्यान परिवर्तन करता इतने में एक सहारनपुर की अभिनेत्री ने शोशियल मीडिया में सनसनी फैलाकर वी पी आई का नाम उजागर कर भयानक पौष की सर्दी में गर्मी फैलाकर समूचे विपक्ष जिनमे काँग्रेस, उक्रांद, स्वाभिमान ओर अन्य सामाजिक संगठनों को फिर से इस मामले को उजागर करने का काम कर दिया । इस सनसनी से प्रदेश सरकार सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेताओ के नाम सामने आए और तथाकथित अभिनेत्री ने उनके चाल, चरित्र को उजागर कर मामले को नित नई दिशा देकर कई आरोप लगाने का कार्य किया।इससे अभिनेत्री तो गायब ओर प्रदेश का समूचा विपक्ष जिनमे काँग्रेस अब्बल नम्बर पर सड़को पर उत्तर गयी जगह जगह सरकार के पुतले फूंके गए। कई यू ट्यूबर इस प्रकरण का हिस्सा बनकर मर्यादाओं को तार तार कर अपनी सरकारी एजेंसियों पर खिलाफत करती दिखी।ओर जगह जगह से सी बी आई की जाँच की मांग उठने लगी।
लेकिन असली सवाल सरकार के लिये ये रहा कि जब इस प्रकरण पर जनता को अदालत द्वारा लम्बा समय दिया गया तथा ट्रायल चला ।आयु में सभी साक्ष्यों, सबूतों ओर बयानों को अदालत के सामने रखा दूसरे पक्ष को भी अदालत ने सुना और जो अदालत ने पाया तो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।उसके बाद आज कोई भी अब इस प्रकरण में बिना हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से मामले में सी बी आई जाँच करा सकता है ।इससे पिछली जाँच फिर से प्रभावित होगी फिर से दुबारा आयु की रिपोर्ट के आधार पर ट्रायल चलेगा ।ये मामला जटिल बन सकता है और फिर क्या जो आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे है उनमें साक्ष्य , सबूत प्राप्त होंगे।आजीवन कारावास दोषियों को भी दुबारा सी बी आई को अपने बयान देने का मौका मिलेगा जो बयान पूर्व में न्यायालय को प्राप्त हुए है जिनके आधार पर कोर्ट किसी निष्कर्ष पर पहुंचने में कामयाब रही है अगर उसमें साक्ष्य, सबूतों ओर बयानों में कोई अंतर आता है तो फिर जाँच के परिणाम उलट हो सकते है।सरकार का लगातार फजीहत के चलते लिया गया फैसला सरकार के लिये संजीवनी ओर विपक्ष के लिये सिरदर्द बनेगा।पहाड़ की बेटी अंकिता भण्डारी को तो क्या न्याय मिलेगा परन्तु उसके परिवार को जरूर थोड़ा सकून ओर सरकार के प्रति विश्वास बनेगा।सरकार की इस शतरंज चाल से अब विपक्ष घिरता नजर आ रहा है।सी बी आई जाँच से दूध का दूध ओर पानी का पानी सिद्द होगा । कौन सियासत का गेम खेल खेलकर राजनीतिक फायदा लेना ही इनका एकमात्र लक्ष्य था अब देखना दिलचस्प है कि धामी सरकार की ये चाल क्या गुल खिलाती है। माँ गङ्गा नेटवर्क ने पूर्व रिपोर्ट में सी बी आई जाँच पर अपनी मोहर लगा दी थी जो सच साबित होती दिख रही है।

