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स्टाम्प शुल्क के चार मामलों में एडीएम न्यायालय की बड़ी कार्रवाई, लाखों रुपये की शास्ति अधिरोपित

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टिहरी गढ़वाल, 20 मई 2026 (सू.वि.)

 

अपर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल शैलेंद्र सिंह नेगी के न्यायालय में गतिमान स्टाम्प वादों में त्वरित सुनवाई करते हुए स्टाम्प शुल्क कमी के 04 मामलों का निस्तारण किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित पक्षकारों द्वारा संपत्तियों के वास्तविक स्वरूप एवं विवरण को छुपाकर स्टाम्प शुल्क की अपवंचना की गई थी।

 

न्यायालय द्वारा संबंधित विपक्षीगणों पर कमी स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त अर्थदण्ड तथा विलेख निष्पादन की तिथि से निर्णय की तिथि तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से शास्ति अधिरोपित की गई।

 

मामलों का विवरण निम्नवत है—

राज्य बनाम विनोद रावत, निवासी दलख्यारी, कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल द्वारा स्थान बगवान, कीर्तिनगर में निर्मित चार मंजिला होम स्टे भवन का वास्तविक क्षेत्रफल कम दर्शाकर स्टाम्प शुल्क की अपवंचना की गई। मामले में न्यायालय द्वारा ₹10,65,533 की शास्ति अधिरोपित की गई।

राज्य बनाम जितेन्द्र सिंह पंवार, निवासी 45/2 देहरादून रोड, ऋषिकेश द्वारा मौजा तपोवन, तहसील नरेन्द्रनगर स्थित संपत्ति को विलेख पंजीकरण के समय आवासीय दर्शाया गया, जबकि जांच में उक्त संपत्ति व्यवसायिक पाई गई। स्टाम्प शुल्क अपवंचना के इस मामले में ₹34,94,910 की शास्ति अधिरोपित की गई।

राज्य बनाम मंजुल अग्रवाल, निवासी बी-988 सेक्टर-ए, महानगर, लखनऊ द्वारा मौजा खुरेत, तहसील टिहरी स्थित संपत्ति के विक्रय विलेख में सड़क से दूरी 51 से 200 मीटर दर्शाकर स्टाम्प शुल्क की अपवंचना की गई। इस प्रकरण में ₹1,19,050 की शास्ति अधिरोपित की गई।

राज्य बनाम नितिन अग्रवाल, निवासी बी-988 सेक्टर-ए, महानगर, लखनऊ द्वारा मौजा सौड मय आलूचक, तहसील टिहरी स्थित संपत्ति को क्रय के समय आवासीय दर्शाया गया, जबकि जांच में संपत्ति व्यवसायिक पाई गई। मामले में ₹25,28,143 की शास्ति अधिरोपित की गई।

 

अपर जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा स्पष्ट किया गया कि राजस्व हितों की रक्षा हेतु स्टाम्प शुल्क अपवंचना के मामलों में सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।।

 

 

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