February 14, 2026

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केवल खानापूर्ति कर अपने दायित्वो की इतिश्री मत समझो नगर पालिका परिषद मुनि की रेती

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मुनि की रेती, जन जन की सरकार, जन जन के द्वार लेकिन प्रदेश ओर नगर का हाल बेहाल,जनता परेशान ये हाल वाकई नगर पालिका परिषद मुनि की रेती का बना है जँहा आपसी समन्वय का अभाव और गुटबाजी से 1 साल व्यतीत होने के बाबजूद भी जन समस्याए बनी है निराकरण के लिये सिर्फ आश्वासन ओर नगर पालिका अध्यक्ष का व्यक्तिगत जनता से लगाव इस चिंगारी में आग लगाने से जरूर बचा रहा है।लेकिन सवाल ये है कि जनता कब तक चुप्पी रहेगी वैसे भी उन पर भारी धनबल, अरसे, रोट, भड्डू की दाल भात, नाच गाने ओर पालिका में कर्मचारियों पर नियंत्रण ना रख पाने सहित नगर के तमाम मुद्दे जस के तस अधूरे पड़े है जिसकी जबाबदेही तो उनकी ही बनती है ।
कल नगर पालिका परिषद के तत्वाधान में एक दिवसीय बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया जिसमें जनता की शिकायतों/समस्याओं का निराकरण करने हेतु प्रदेश के विभिन्न विभागों के शिविर लगाए गए थे जिससे लोगो को सरकार से मिलने वाले लाभों उनकी शिकायतों का समाधान किया जाना था।मंच सजा, सी डी ओ टिहरी, उपजिलाधिकारी ओर अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी आये लेकिन इस शिविर से जनता नदारत दिखी ।उसका कारण जनता को इसकी सूचना नही प्राप्त हुई ।यँहा तक कि मीडिया कर्मियों को भी इसकी सूचना नही दी गयी।इस सम्बंध में अपने दायित्व को छुपाने के लिये अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी क्षेत्र में व्यापक प्रसार प्रचार का वक्तव्य देकर पल्ला झाड़ रही थी।इसकी एक बानगी शिविर से 10 सभासदो का गायब रहना और मात्र 1 सभासद की उपस्थिति बनी रही जबकि सत्यता ये है कि जो सभासद बृजेश गिरी मौजूद रहे वह भी इस व्यवस्था से खिन्न नजर आए।इस सम्बंध में नगर पालिका के तेज़तर्रार नेता नही बेटा सभासद गजेंद्र सजवाण पण्डाल से तो नाराजगी की वजह से गायब रहे परन्तु बाहर उनकी मौजूदगी दिखी तो फिर उनसे सवाल किए गए उन्होंने बहुत नाराजगी जाहिर कर सीधे कहा कि जब जनता को सूचना नही तो फिर हम कैसे इस शिविर का हिस्सा बने।ये केवल खानापूर्ति ओर धन का दुरुपयोग है।इस समस्या को सामाजिक कार्यकर्ता राघव शाह ने भी सीधे जनता दरबार मे प्रश्न किया लेकिन जबाब नही मिल पाया 12 बजे से शुरू शिविर 2 बजे समाप्त कर दिया गया।इस शिविर में नरेंद्रनगर विधायक, कैबनेट मंत्री घर घर की पहचान सुबोध उनियाल की मौजूदगी ना होना भी अचंभित करने वाला था जबकि एक दिन पूर्व ही मंत्री ने नगर की विकास योजनाओं का खुद जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश देकर तय समय मे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
अब सवाल ये है कि नगर की छोटी सरकार जिसका आपसी समन्वय , गुटबाजी हावी है और इनकी लड़ाई बाहर दिखने लगे तो फिर इनकी गुटबाजी की सजा जनता क्यो भुगते।1 साल का बोर्ड का कार्यकाल जनता के प्रति निराशाजनक रहा है।इसको कहने में कोई गुरेज नही है।प्रगति के नाम शून्य दिखती इस पालिका में प्रतिदिन आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है जो आपसी तालमेव का अभाव और अनुभव की कमी को बताने को काफी है।अब ऐसे में पूर्व में अध्यक्ष को दिया गया सुझाव अगर अमल नही किया गया तो भयंकर स्तिथि हो सकती है जिसका खामियाजा आपको भी उठाना पड़ सकता है।जन हित मे कड़वे ओर सत्य निर्णय लेने पड़ेंगे जो जनता को अवश्य राहत प्रदान करेंगे।सलाहकारों को सुने लेकिन अपनी बुद्धि विवेक सहित अपनी कलम अधिशासी अधिकारी, 11 सभासदो की टीम मिलकर कार्य करेंगे तो फिर सभी बुराइयों में लगाम लग जायेगा। कार्यालय कार्यो की गोपनीयता बनी रहे तो फिर कौन है जो बोर्ड के निर्णयों के आने से पूर्ण निर्णय सार्वजनकि करते अवरोध डालने का कार्य कर रहे है उन्हें चिन्हित करें।

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