युवा न्याय संघर्ष समिति ने सरकार द्वारा मंच से किये वादों पर पसरी उदासीनता पर सरकार से रोष जाहिर किया गया।
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ऋषिकेश : आज दिनांक 17/12 /2022 को युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना अंकिता भण्डारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी के नाम उजागर करने व सीबीआई की माँग व विधानसभा भर्ती घोटाले में दोषियों पर कार्यवाही की माँग को लेकर धरना 66वें दिन भी धरना जारी रहा। इस अवसर पर सरकार द्वारा मंच से किये वादों पर पसरी उदासीनता पर सरकार से रोष जाहिर किया गया।
रोष व्यक्त करते हुए राज्य आंदोलन कारी महिलाओं ने कहा कि सरकार धरने पर शांतिपूर्व प्रदर्शन कर रही जनता को मूर्ख समझने का दुस्साहस कर रही है, तथा वादे के अनुसार वार्ता के प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं ले रही है, तमाम आंदोलनकारियों ने धरने को उग्र करने पर समिति को सर्वसम्मति से विचार करने का सुझाव दिया।
समिति के अध्यक्ष संजय सिलस्वाल ने कहा कि इस पर सभी राजनितिक दलों एवं समिति को समर्थन दे चुकी सामजिक संस्थाओं से विचार विमर्श कर जल्द ही आंदोलन को विस्तार दिया जाएगा, क्योंकि सरकार भी शांतिपूर्ण आंदोलनों को उनके हाल पर छोड़ देने के पैंतरे को आजमा रही है, और समिति यहाँ सरकार के पैंतरे नहीं न्याय मांग रही है, इस विरोधाभास को दूर करने के लिए आंदोलन को द्रुत करना पड़ेगा ताकि निर्णायक स्थिति में आया जा सके। संजय सिल्सवाल ने बताया कि आज से ही सभी संगठनों से वार्ता शुरू कर दी जायेगी।
आज के धरने पर राज्य आन्दोलनकारी प्रमिला रावत, शकुंतला रावत, सुषमा चमोला, देवेंद्र, राहुल जखमोला, शीला ध्यानी मदन सिंह राणा, एल पी रतूड़ी, सुरेंद्र सिंह नेगी, अरविन्द हटवाल, जया डोभाल, रामेश्वरी चौहान, युद्धवीर सिंह चौहान, जितार सिंह बिष्ट, हरि सिंह नेगी, राजेन्द्र कोठारी, लक्ष्मी कठैत, आशुतोष डंगवाल, हरिराम वर्मा, विक्रम भण्डारी, केदार पयाल, सावित्री देवी, रुकम पोखरियाल, ऋषित रावत, सूरज कुकरेती एवं यशवंत सिंह रावत आदि मौजूद थे।
