स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में राज्य आंदोलनकारियों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
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डोईवाला 20 नवंबर।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में राज्य आंदोलनकारियों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षा मंत्री व हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक और कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचन्द अग्रवाल ने शिरकत की। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति स्थानीय बच्चों द्वारा दी गयी। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारियों व क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

रविवार को अठुरवाला स्थित एक वेडिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद डॉ निशंक ने कहा कि उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के लिए स्थानीय लोगों ने कई आंदोलन किए। आंदोलन में पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाओं से लेकर नौजवानों तक की अहम भूमिका रही। आज जिस उत्तराखंड में हम निर्भीक होकर घूमते हैं, यहां की खूबसूरत वादियों का लुफ्त उठाते हैं, वह हमें इतनी आसानी से नहीं मिला। उत्तराखंड को अलग करने में कई आंदोलनकारी शहीद हुए हैं। उत्तराखंड की महिलाओं ने अलग मांग को लेकर वन आंदोलन भी किए थे। आजादी के बाद भी उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा मिलने में कई साल लग गए। मगर, 9 नवंबर सन 2000 को उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला।
केबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी राज्य निर्माण में आंदोलनरत रहे आंदोलनकारियों को उचित सम्मान मिले, इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। डॉ अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी जी ने राज्य आंदोलनकारियों की दो बार पेंशन बढ़ाकर उन्हें सम्मान देने का कार्य किया है। धामी सरकार ने सक्रिय राज्य आंदोलनकारियों की सम्मान पेंशन 3100 रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये की। वहीं, राज्य आंदोलन में घायलों को दी जाने वाली पेंशन को 5000 से 6000 रुपये किया है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड निर्माण में महिलाओं की भागीदारी भी पुरूषों से कम नहीं है, ऐसे में महिलाओं के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। हाईकोर्ट ने राज्य में सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण पर रोक लगाई थी। जिस पर धामी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष रिट याचिका दायर कर महिला आरक्षण पर रोक संबंधी आदेश को चुनौती थी और अंततः हमारी सरकार का अथक प्रयास काम आया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई। जिससे राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण का रास्ता साफ हो गया।
इस मौके पर विधायक डोईवाला बृज भूषण गैरोला, अध्यक्ष महिला आयोग कुसुम कंडवाल, जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, पूर्व दर्जाधारी करन बोहरा, राजन बोहरा, सुमेर चंद, कार्यक्रम संयोजक नरेंद्र सिंह नेगी, दरबान बोहरा, उम्मेद सिंह, मण्डल अध्यक्ष सुषमा चौधरी, ईश्वर चंद अग्रवाल, सभासद सन्दीप नेगी, रविन्द्र बेलवाल, नगीना रानी, रीता नेगी, नीलम नेगी, अर्चना राणा, विनय जिंदल आदि स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
