आमरण अनशन की हो गई तैयारी, उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने आ गए आंदोलनकारी
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आज दिनांक 15/11/ 2022 को युवा न्याय संघर्ष समिति का धरना 34वें दिन भी अंकिता हत्याकांड में छुपे वीआईपी के नामों को उजागर करने व विधानसभा भर्ती घोटाले के मुख्य दोषी प्रेमचन्द अग्रवाल सहित अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग जारी रखते हुए धरना जारी रहा।
समिति के अध्यक्ष संजय सिल्सवाल ने बताया कि अब कल से हमारा धरना आमरण अनशन की ओर जा रहा है अभी भी सरकार चेत जाय और उत्तराखण्ड की बेटी और युवाओं को न्याय दिलाये अन्यथा आमरण अनशन के साथ साथ हमें आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा ।
धरने में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता पूनम केंतुरा ने कहा कि संघर्ष समिति के धरने को आज एक महीने से उपर का समय हो चुका हैं सरकार जानबूझकर दोषियों को बचाने व केस को अन्य दिशा में मोड़ने की साजिश में लगी हुईं है साथ ही बैक डोर से कराई गईं भर्ती के दोषियों को अभी तक शासन प्रशासन द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई हैं तो आने वाले युवाओं के भविष्य का क्या होगा ये भ्रष्ट राजनेताओं द्वारा बार बार युवाओं का हक मारा जाएगा । हम सरकार से ये आवाह्न करना चाहते हैं कि आप जल्द से जल्द भ्रष्ट नेताओं के साथ साथ उत्तराखंड की बेटी को न्याय जल्द से जल्द दिलाए ताकि आम जनता का शासन पर भरोसा कायम रहें।
आन्दोलनकारी राजेंद्र गैरोला ने कहा कि आज उत्तराखंड को बने हुए 22 वर्ष से ज्यादा का समय हो चुका है आज भी हमारे राज्य में इस तरह को कु कृत्य होते रहेगा तो कैसे हमारी बेटी निडर होके शहर जाके अपने सपने पूरे कर मां बाप का नाम ऊंचा कर पाएगी सरकार के इशारों पर एसआईटी दोषियों को बचाने का काम कर रही है जबकि उन्हें निष्पक्ष होकर उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने के लिये वीआईपी का नाम उजागर करना चाहिये ।
धरने पर मदन सिंह राणा, लक्ष्मी बडोनी, लक्ष्मी, जया डोभाल, भगवती देवी चमोली, रामेश्वरी चौहान, युद्धवीर सिंह चौहान, जन्मदेई रावत, स्वरूपी देवी, गुड्डी डबराल, उषा चौहान, सर्वेश्वरी, राधा, प्रमिला रावत, सावित्री देवी, सुरेंद्र सिंह नेगी, हरि सिंह नेगी, राजेंद्र कोठारी, अशुतोष डंगवाल, रविन्द्र प्रकाश भारद्वाज, गौरव राणा, विशंबर दत्त डोभाल, अगर बिष्ट, राहुल जखमोला, विक्रम भंडारी, रामकुमार बतालिया, प्रदीप सिंह, जितार सिंह बिष्ट, सोभा रतूड़ी, नीलम लखेड़ा आदि मौजूद रहे।
