August 27, 2026

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पेयजल निगम की मनमानी उपभक्ताओ पर पड़ रही भारी

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मुनि की रेती, घर घर नल ओर शुध्द जल का संकल्प लेने वाला पेयजल निगम का पूरा तंत्र फेल ओर ठेका प्रणाली की मनमानी उपभक्ताओ को जल ही जीवन मिशन की अवधारणा के खिलाफ मुसीबत का सबक बना है।वर्तमान में उपभोक्ताओं को बिना किसी सूचना के शोशियल मीडिया के माध्यम से पानी के बिल मनमाने ढंग से जमा करने को कहा गया किंतु इनकी साईड बंद है वही कार्यालय बिल दुरस्त करने सहित उसको जमा करने से मना कर दुबारा बिल उपलब्ध की बात कर रहा है जबकि स्थानीय जनता, प्रतिनिधियों ने कई बार अधिशासी अभियंता ओर वरिष्ठ अधिकारियों से पेयजल के सही बिल भेजे जाने को कहा और विभाग द्वारा आश्वासन देने के बाबजूद भी समस्या खत्म होने के बाद बढ़ती दिख रही है जिससे पेयजल उपभोक्ताओं में भारी रोष है।आला तो आला, ठेकेदार डाल रहा डाका।
पेयजल निगम की लचर व्यवस्था का शिकार बना आल जन जो कहने को जल और ऊर्जा प्रदेश का सिकन्दर है लेकिन उसको ना पीने का शुध्द जल , ना विद्युत व्यवस्था ढंग से उपलब्ध हो रही है।सिस्टम का ये हाल है कि कही तो मीटर नाममात्र के लगाए उपभोक्ताओं का खून चूसने का कार्य और नगर में अधिकांश जनता को मीटर मानकों से दूर क्यो रखा गया और उनके बिल भी नाममात्र के आ रहे है। सूत्रों के हवाले बहुत से लोगों के पुराने कनेक्शन भी विच्छेदन ना कर चालू है ।इस प्रकार की व्यवस्था के कारण स्वत जनता में रोष देखा जा रहा है कि पेयजल सुधरने का नाम क्यो नही लेता।यही हाल पानी के कनेक्शन प्राप्त करने का है कई कनेक्शन बिना स्वीकृति के नगर क्षेत्र में चल रहे है और जो लोग लाईन कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सारी औपचारिकतायें पूर्ण कर चुके कई चक्कर विभाग के लगा रहे है उन्हें वंचित क्यो रखा जा रहा है।
पेयजल निगम की व्यवस्था के कारण उन्हें पीने का शुध्द जल मिले ना मिले इसकी प्रवाह उन्हें नही है लेकिन बिल उन्हें मनमाने तरीके से बिना किसी लाग लपेटे के जमा चाहिए।अगर कोई इनसे पानी के लंबे चौड़े बिल में सुधार की बात करता है तो ये नियमो, उपनियमो ओर सरकारी देयकों को समय पर जमा ना कराने पर कनेक्शन विच्छेदन कर कार्यवाही करने की धमकी देते है।जनता पेयजल का उचित ओर नियमानुसार भुगतान करना चाहती है उसमें कोई तखलिफ उपभोक्ता को नही है लेकिन मनमाने बिल ओर दफ्तरों के चक्कर लगाने पर उन्हें भारी आक्रोश है।पानी के बिल नगर बहुत छोटा और परस्पर एक दूसरे को जानते है बिल वितरण की भी यँहा दिक्कत नही है लेकिन विभाग कुछ करना ही नही चाहता है ।आखिर ये सिस्टम कब दुरस्त होगा जब पीने का शुध्द पानी 24 घण्टे उपभोक्ताओं को मिलेगा, उनके द्वारा खपत पानी का सही बिल उन्हें प्राप्त होगा, नगर को नियमानुसार कनेक्शन आदि की सुविधा प्राप्त हो ।ये जनता की निगम अधिकारियों से माँग है।अगर यही लचर स्तिथि रही तो पेयजल निगम के खिलाफ आक्रोश का लावा फुट सकता है।पेयजल निगम नींद से जागो।

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