नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर में सीधी टक्कर, अध्यक्ष पद पर पति-पत्नी के नेतृत्व का रहा है इतिहास
1 min read

नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त होते ही चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद के दावेदार अब मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह चुनाव कहीं न कहीं सुबोध उनियाल बनाम ओम गोपाल रावत की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ नजर आ रहा है।
करीब 4000 मतदाता इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर नरेंद्रनगर का नया अध्यक्ष चुनेंगे। साथ ही, इस चुनाव के परिणाम को आने वाले विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है।
नरेंद्रनगर नगर पालिका लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां अध्यक्ष पद पर परिवारों का भी प्रभाव देखने को मिला है। पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा और उनकी पत्नी दुर्गा राणा दोनों अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं। इसी प्रकार वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय सोबन सिंह नेगी तथा उनकी पत्नी ने भी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई थी।
इस बार ऊंट किस करवट बैठेगा, इसका सही आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी, लेकिन चुनावी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा दिखाई दे रहा है।
यदि दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के राजनीतिक आधार की बात करें, तो कांग्रेस प्रत्याशी वार्ड सदस्य से लेकर अध्यक्ष पद की दावेदारी तक लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी का कार्यकाल विकास कार्यों के कारण सराहनीय माना जा रहा है। नरेंद्रनगर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का श्रेय काफी हद तक क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री के सहयोग को भी दिया जा रहा है, जबकि पूर्व अध्यक्षों ने अपने व्यक्तिगत राजनीतिक प्रभाव और दमखम पर कार्य किए थे।
