JMG News

No.1 news portal of Uttarakhand

स्वयं के भविष्य को अच्छा बनाने के लिये अपनी सँस्कृति, परम्परा ओर पुरातन को सुरक्षित रखना जरूरी-डॉ. के एन लखेड़ा

1 min read

ऋषिकेश, पर्वतीय गाँधी स्वर्गीय इंद्रमणी बडोनी फाउंडरेशन के एक दिवसीय शिविर पर्वतीय सांस्कृतिक एवं जनकल्याण समिति दुर्गा मंदिर मालवीय नगर ऋषिकेश में मुख्य अतिथि प्रसिद्द बालरोग विशेषज्ञ डॉ. के एन लखेड़ा ने कहा कि 26 साल पृथक राज्य निर्माण के हो गए लेकिन हम हर क्षेत्र में फिसड्डी साबित हुए,अपने गांव, खलिहान, गदेरे, पहाड़ आदि सब कुछ धन पाने के चक्कर मे हम अपना सर्वस्व खो चुके है।अपनी सत्य ,सनातन ओर धर्म की आधार शिला को भूलकर भविष्य को खतनाक मोड़ पर खड़ा करने का कार्य कर रहे है।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बडोनी महान विचारक ओर लोक सँस्कृति, शिक्षा के लिये जिस सादगी, सरलता और सहजता से कार्य करते रहे है उसकी मिशाल किसी भी राजनेता में नही दिखती।सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया… का बोध उनके जीवन मे स्पष्ट झलकता रहा है। उनके साथ बिताए पलो को अवगत कराते हुए की अपनी लोकपरम्परा से किस कदर जुड़े रहे है ।आज का भविष्य शिक्षा के क्षेत्र में सुरक्षित नही है और करोड़ो रूपये की पढ़ाई भी उसको सकुन ओर जीवन की उड़ान में सहायक नही बनी है।बच्चे महंगी शिक्षा और फिर 20 हजार रुपये में कार्य करने को मजबूर है या तो अपने माता पिता पर बोझ बने हुए है इस प्रकार की नीतियां पहाड़ का भला नही कर सकती है।घर बैठे काम क्या भविष्य सुरक्षित रख पायेगा।
इस शिविर में वरिष्ठ एडवोकेट रमाबल्लभ भट्ट ने कहा कि राज्य आन्दोलन में जिसकी जो भूमिका रही है उसको अब कहना उचित नही है बल्कि इस प्रदेश को कैसे सँवारा जाय ये इस शिविर में मंथन किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वर्गीय एच. एन बहुगुणा की सोच को याद करते हुए कहा कि पहाड़ के विकास की सोच और पर्वतीय विकास परिषद की स्थापना कर उत्तराखण्ड का हिमांचल की तर्ज पर बजट ओर यँहा के कामगारों को केंद्र की भाँति, वेतन, भत्तों की सिफारिश ओर उन्हें लागू कराना उनकी दूर दृष्टि, पक्का इरादा, अनुशासन प्रिय की छवि रही है।गोविंद बल्लभ पंत, नारायण दत्त तिवाड़ी मुरली मनोहर जोशी जैसे कदावर पहाड़ के नेताओ को हम बिना भेदभाव के की वो किस दल, किस पार्टी से जुड़े है निरन्तर याद करते है। अपनी बात को प्रखर रूप में रखने वाले सजंय शास्त्री ने कहा कि वो पहाड़ की हालत देखकर चिंतित है और इसकी वजह से किसी बैठक में आना भी नही चाहते है।उत्तराखण्ड बनने के बाद पहाड़ का विकास, यँहा के लोगो को रोजगार मिलना चाहिए था लेकिन अफसोस है कि हम पर बाहर का व्यक्ति हावी हमारा हक छीन रहा है।पर्यटन का सम्पूर्ण परिवहन व्यवसाय पर दिल्ली, यू.पी,हरियाणा आदि का कब्जा हो गया है ।इसी प्रकाए पहाड़ पर अपने लोग पेसो की खातिर दूसरे राज्यो के लोगो को अपनी पुश्तेनी जमीन देकर उन्हें पोषित कर खुद शोषण का शिकार हो रहे है।
राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष ड़ी. के गुसाईं ने कहा कि चिंतन, मंथन कर पहाड़ का गौरव कैसे बढ़े इसका प्रयास करना है ।इसके लिए उन्होंने कहा कि गलत का विरोध अवश्य करना चाहिए भाजपा, कांग्रेस, उक्रांद या कोई अन्य दल से कोई परहेज नही है लेकिन एक राज्यान्दोलनकारी होने के नाते अपने हक, हकूक जल जंगल जमीन, गदेरे ओर जनता के विकास में हमारी भूमिका सत्यता से पूर्ण हो।10 प्रतिशत क्षेतिज्ञ आरक्षण का विषय अभी सुलझा नही है बहुत जल्द इस विषय पर सफलता मिलेगी लेकिन जिनको ये लाभ मिलना है उनको भी जोड़ना जरूरी है। इस बैठक में अनेक विषय वक्ताओं के माध्यम से उठाए गए है जिनमे उत्तराखण्ड को अनुसूची 5 में शामिल कर उन्हें सुरक्षित अधिकार प्रदान किया जाना जरूरी है ।इसके लिये सांसद, विधायको ओर जनता से संवाद और केंद्र को प्रस्ताव जाना चाहिए। बैठक में अध्यक्षता करते हुए वीर चन्द्र रमोला ने कहा कि उन्हें स्वर्गीय बडोनी के साथ 1981 से कार्य करने का अवसर मिला उनके जैसा विचारक, पहाड़ का हिमायती ओर सहजता से भरपूर इन्सान देखा नही लेकिन जिस कल्पना को उन्होंने सजीव किया है उसने उन्हें पहाड़ का गांधी बना दिया।आज के वर्तमान दौर में प्रदेश की हालत को देखकर उक्रांद को मजबूती प्रदान कर पहाड़ का विकास ओर तरह तरह के जंजालों से मुक्ति मिल सकती है।इसलिये सभी से अपील है कि क्षेत्रीय दल को अपना समर्थन जरूर दे।
इस एक दिवसीय शिविर में भगत सिंह नेगी, राज्य स्वतंत्रा सैनानी मंच के अध्यक्ष शैलेश सेमवाल, महासचिव नरेंद्र मैठाणी,भारत भूषण कुकरेती, योगेश बहुगुणा, सुनील कपरूवाण, जे.पी रनाकोटि, राजीव पंवार, प्यारेलाल जुगरान, द्वारिका बिष्ट,लक्ष्मी बुडाकोटी,सरोजनी थपलियाल, शान्ति तड़ियाल, रामेश्वरी चौहान, सरस्वती जोशी, विनोद बड़थ्वाल ,रमेश रतूड़ी सहित भारी संख्या में राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन सरंक्षक मनोरथ प्रसाद(सुनील) ध्यानी, सह सयोंजक विपिन रावत ने बारी बारी से किया।

You may have missed

Breaking News