February 27, 2026

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नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल के दूसरे दिन एंगलिंग और कयाकिंग का रोमांच, उमड़ी दर्शकों की भीड़*

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*बेंगलुरु के ट्रेवर होम ने पकड़ी 2.5 किलो की महाशीर*

 

*‘कैच एंड रिलीज’ पद्धति से सुरक्षित छोड़ी गईं मछलियां*

 

*सूचना/पौड़ी/27 फरवरी 2026:*

सतपुली के बिलखेत में आयोजित तीन दिवसीय नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल के दूसरे दिन रोमांच अपने चरम पर दिखायी दिया। नयार नदी की लहरों के बीच एंगलिंग और कयाकिंग प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजन को सफल बनाने के लिए सतत निगरानी और समन्वय किया जा रहा है।

 

मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि दूसरे दिन एंगलिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन किया। बेंगलुरु से आए एंगलर ट्रेवर होम ने तीन महाशीर मछलियां पकड़ीं, जिनमें एक का वजन करीब 2.5 किलोग्राम था। अल्मोड़ा जिले के संजीव परोरिया ने तीन मछलियां पकड़ीं, जबकि चम्पावत जिले के पंचेश्वर निवासी संजय ने विभिन्न प्रजातियों की पांच मछलियां पकड़कर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता ‘कैच एंड रिलीज’ पद्धति के तहत आयोजित की जा रही है, जिसके अंतर्गत सभी मछलियों को सुरक्षित तरीके से पुनः नदी में छोड़ दिया गया।

 

वहीं कयाकिंग प्रतियोगिता में भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि कयाकिंग में 22 कयाकर्स प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतिभागी नयार नदी के अलग-अलग स्थानों पर तेज धाराओं के बीच अपने कौशल और संतुलन का प्रदर्शन कर रहे हैं। नदी की लहरों को चीरते हुए कयाकर्स का आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता दर्शकों के लिए रोमांचकारी रही।

 

दूसरे दिन आयोजन स्थल पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। बड़ी संख्या में लोग नदी तट पर पहुंचकर साहसिक गतिविधियों का आनंद लेते नजर आए। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिससे प्रतिभागियों और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

 

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल के माध्यम से नयार घाटी को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह के आयोजनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आयोजन से स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिल रहा है।

 

 

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