जन जन की सरकार, जन जन के द्वार बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन केवल धन का दुरुपयोग,जनता अनभिज्ञ होने के कारण नदारत दिखी
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मुनि की रेती, जन जन की सरकार,जन जन के द्वार बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन 14 बीघा रामलीला ग्राउंड में एक दिवसीय शिविर/कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें उत्तराखण्ड के 22 विभागों की जन योजनाओं,शिकायतों ओर सुझाव के निराकरण का उदघोष मंच सञ्चालन करते दिखे।जबकि सच्चाई ये है कि शिविर में विभागों में समन्वय का अभाव और जनता को जानकारी ना होने के कारण उपस्थिति नगण्य रही है मंच पर सी डी ओ टिहरी वरुणा अग्रवाल, उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल, तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल,नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा नीलम बिजल्वाण ,अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी नगर सभासद बृजेश गिरी की मौजूदगी में शिविर की शुरुवात हुई।
इस शिविर में उपजिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से शिकायत पंजीकरण काउंटर जो मुकेश भट्ट एवम टीम के माध्यम से बखूबी ढंग से किया गया।इसके अलावा, विद्युत विभाग का स्मार्ट मीटर, डिजिटल, बालविकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता , वन विभाग, आयुष्मान,पशुपालन विभाग, समाज कल्याण,आयुष विभाग,होम्योपैथी विभाग,उद्यान एवम खाद्य संस्करण, पंजाब नेशनल बैंक,जिला सैनिक कल्याण, समान नागरिक संहिता,स्वास्थ्य मिशन, शिक्षा आदि विभाग के काउंटर निराकरण हेतु खोले गए थे।इस जन जन की सरकार और जन जन के द्वार संचालित शिविर प्रसार प्रचार के अभाव में केवल खाना पूर्ति साबित हुआ और 12 बजे से शुरू शिविर 2 बजे समापन कर दिया।
नगर पालिका परिषद के बैनर तले जनता की शिकायत/समस्याओं का निराकरण करने के उद्देश्य से 1 दिवसीय शिविर का समापन तो जैसे तैसे हो गया है लेकिन तीखे सवाल भी जनता में बने है जिनका जबाब देना पड़ेगा।इस शिविर की जानकारी नगर पालिका सभासदो को भी नही थी केवल एकमात्र सभासद बृजेश गिरी मंच पर देखे गए और उनकी नाराजगी भी स्पष्ट रूप से देखी गयी।अन्य 10 सभासद क्यों नही शामिल हुए ये ज्वलंत सवाल है।इस सम्बंध में वार्ड नम्बर सात जँहा ये शिविर लगाया गया उनका कहना था कि जनता को इस शिविर की जानकारी नही दी गयी और हमे भी समय से अवगत नही कराया गया है।जिस कारण जनता इस शिविर में योजनाओं का लाभ और अपनी शिकायतों को नही रख पाई है।ऐसे में जनता का प्रतिनिधि होने के कारण सूचना के अभाव और केवल खानापूर्ति कर श्रेय लेना उचित नही है।इस प्रकार का अन्य सदस्यों ने भी कारण देकर कार्यक्रम से अलग रहने में भलाई समझी।
आज शिविर में शिकायत करने वालो में शान्ति ठाकुर,नीता भट्ट ने सीवर सम्बन्धी कार्यो का निराकरण ओर विभाग एक दूसरे पर कार्य करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे है।सी ड़ी ओ अग्रवाल ने सम्बंधित विभाग को पीड़ित पक्ष की बात सुनकर त्वरित कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए है। उक्रांद के जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र भण्डारी ने नगर में परिवहन, जाम,पानी, बिजली सीवर सहित समस्याओं को रखकर इसके निदान करने और सम्बंधित विभाग को त्वरित कार्य निष्पादन करने की मांग की।उक्रांद के केंद्रीय महासचिव विवेक रयाल ने स्वच्छता, पर्यावरण, खारास्रोत शराब बंदी सहित अनेक समस्याओं से अवगत कराते हुई जन जन की सरकार जन जन के द्वार की बात करने वाली जन की बात नही सुन रही है । सामाजिक कार्यकर्ता राघव शाह ने तीखे सवाल जो जनहित में थे वेवाकि से अवगत कराकर इस शिविर का प्रचार प्रसार ना करने का सीधा आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि मुझे अभी विवेक रयाल से जानकारी मिली तो मै हाजिर हो गया ।सी डी ओ ने सम्बंधित बिभाग को निर्देश देकर आपसी समन्वय बनाकर तय समय मे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।इस शिविर में समाज कल्याण, वन विभाग सहित अन्य विभागों ने अपनी योजनाओं का लाभ लिए जाने की बात कही और उन्हें इसके लाभों को भी बताया।
शिविर में सबसे ज्यादा लोग होम्योपैथी विभाग में अपनी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेते दिखे जिनमे डॉक्टर बृजेन्द्र सिंह, डॉक्टर सुरेंद्र चन्द्र पैन्यूली निःशुल्क दवाइयों का वितरण कर रहे थे।जबकि कृषि विभाग बृज मोहन पोखरियाल निःशुल्क कृषि सम्बन्धी दवाइयां वितरण कर रहे थे।वन विभाग के रेंजर विवेक जोशी एवं बी एस चौहान ने अपनी कार्य योजनाओं से जनता को अवगत कराया।अधिशासी अधिकारी से जब प्रश्न किया गया कि आपने इस शिविर का प्रचार प्रसार क्यो नही कराया तो उनका जबाब था कि व्यापक प्रसार प्रचार किया गया तो सवाल ये है कि आस पास की जनता ही इस कार्यक्रम से नदारत रही है। लगता तो ये है कि ये शिविर केवल धन का दुरुप्रयोग ओर खाना पूर्ति करने का रहा है शिविर का समापन 3 बजे होना था किंतु 2 बजे ही समापन की घोषणा अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी को करनी पड़ी।इस शिविर में 93 साल के शिक्षाविद्द मुरलीधर ग्वाड़ी को वरुणा अग्रवाल ने बुके देकर सम्मानित किया।
इस शिविर में उपजिलाधिकारी कार्यालय के मुकेश भट्ट,नगर पालिका परिषद अनुराधा गोयल,जे ई सचिन, नितिन सत्ती,कमल चौहान, जितेंद्र सजवाण, विकास सेमवाल, किशन भट्ट, पिंकी तड़ियाल,अजय रमोला,सचिन पैन्यूली सहित विभागों के अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।मंच का संचालन कविवर साहित्य जगत के शिक्षविद्द रामकृष्ण पोखरियाल ने किया जबकि शासकीय शिकायतों/सुझावों का निष्पादन कार्यवाही उपजिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल ने सम्पन्न की।
