प्रबल सहायता समूह के रोजगार की दिशा में बढ़ते कदम, केश निहार केंद्र खोलकर किया शुभारंभ l
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उत्तराखण्ड में बढ़ते हुए पलायन को रोकने के लिए प्रबल सहायता समूह द्वारा स्वरोजगार की पहल नाम की एक योजना उत्तराखण्ड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आरंभ की है है स्वरोजगार की पहल के अंतर्गत इस योजना के अंतर्गत समूह द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए कार्य कौशल के अनुसार उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है l
कल प्रबल सहायता समूह द्वारा टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग क्षेत्र में स्थित खरसाड़ी गाँव मे श्री गणेश केश निहार नाम से लोकल बेरोजगार युवा गणेश के लिए एक सैलून की दुकान खोल कर शुभारम्भ किया l
संस्था के संचालक अजय पंत से बताया कि संस्था मुख्यतः शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करती है किन्तु उत्तराखण्ड में बढ़ते हुए पलायन को देखते हुए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये स्वरोजगार की पहल नामक योजना पर कार्य कर रहे हैं जिसमें युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और इस योजना के अंतर्गत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की दुकाने खोलने पर जोर दिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्य करना लगभग असम्भव था क्यूंकि वर्तमान समय मे इस कार्य के लिए एक कुशल कारीगर को खोजना सबसे असम्भव कार्य है किन्तु प्रबल सहायता समूह ने इस कार्य के लिए हार नहीं मानी और खरसाड़ी गाँव के ग्राम प्रधान गुमान सिंह रावत व प्रबल सहायता समूह के संचालक सदस्यों के अथक प्रयासों से एक केश निहार केंद्र खोलने मे सफ़लता हासिल की।
*स्वरोजगार की पहल* कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने हेतु प्रबल सहायता समूह की संचालक टीम नीरज पंत, राधेश्याम रणाकोटी, राहुल कोटियाल , राजेन्द्र सिंह, दिनेश रोथाण, प्रद्युम्न रावत, जय सिंह चौहान, विनय चमोली, अजय पंत, श्रीमती लक्ष्मी बहुगुणा उनियाल के अथक प्रयासों से एक दुकान खोलने मे व एक बेरोजगार को स्वरोजगार से जोड़ने मे व एक ब्यक्ति को पलायन से रोकने में सफल रहे।
