तीर्थनगरी मुनिकीरेती में चैतन्य महोत्सव का शुभारंभ
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सैकड़ों साल पुरानी दिव्य ध्यान पद्धति से रूबरू हो रहे साधक
मुनिकीरेती। तीर्थनगरी मुनिकीरेती के गंगा तट पर गुरू तत्व के बैनर तले चैतन्य महोत्सव का शुभारंभ हो गया। इसके माध्यम से दुनिया जहां से जुटे साधक सैकड़ों साल पुरानी दिव्य ध्यान पद्धति से रूबरू हांेगे।
मॉ गंगा के पावन तट पर शुक्रवार को परमार्थ निकेतन की परमाध्यक्ष स्वाती चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती, नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती नीलम बिजल्वाण और स्वामी नारायण आश्रम के सुनील भगत ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस मौके पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि तीर्थनगरी ऋषिकेश ऐसा स्थल है जिसे महसूस करने के लिए मन की पवित्रता जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिमालयी योगी शिवकृपानंद स्वामी के प्रयासों की सराहना की। कहा कि उन्होंने ध्यान की वर्षों पुरानी दिव्य पद्धति से लोगों को रूबरू कराया।
साध्वी भगवती ने तीर्थनगरी ऋषिकेश के अपने अनुभवों को प्रतिभागियों के सम्मुख रखा। कहा कि वास्तव में ये पुण्य स्थल है। सुनील भगत ने ध्यान और जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती नीलम बिजल्वाण ने चैतन्य महोत्सव में प्रतिभाग करने पहुंचे लोगों का मुनिकीरेती में स्वागत किया।
गुरू तत्व यानि समारपण ध्यान योग द्वारा आयोजित इस आयोजन के दुनिया भर से जुटे साधक 800 साल पुरानी दिव्य ध्यान पद्धति से रूबरू होंगे। इसके अलावा गहन ध्यान अनुष्ठान के साथ शिवकृपानंद स्वामी के सानिध्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रम से भी प्रतिभागी रूबरू होंगे।
